पूर्वांचल विश्वविद्यालय और गुरुनानक महाविद्यालय (स्वायत्तशासी) चेन्नई के बीच सोमवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया। यह कार्यक्रम ऑनलाइन हुआ। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के लिए यह बहुत ही बड़ी उपलब्धि है। दोनों शिक्षण संस्थान एक दूसरे की शोध में मदद करेंगे। कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य ने कहा कि इस एमओयू से हमारे छात्र और शिक्षकों को लाभ मिलेगा। हम संयुक्त प्रयास से एक दूसरे को सामाजिक सांस्कृतिक और अकादमिक विशेषताओं में सहयोग करेंगे। हम एक दूसरे के शिक्षक और छात्रों को वर्कशॉप, सेमिनार में प्रतिभाग का अवसर देंगे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय आईक्यूएसी सेल के समन्वयक प्रो. मानस पांडेय ने कहा कि यह शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर और दक्षिण का मिलन है। उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक सेमेस्टर में दो या तीन कार्यक्रम भी आपसी सहयोग से करेंगे ताकि शिक्षक और छात्रों को इसका लाभ मिल सके। प्रबंध संकाय के अध्यक्ष प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने कहा कि गुणवत्ता समसामयिक है। हमारे यहां प्रोफेशनल कोर्स चल रहा है। गुरुनानक महाविद्यालय चेन्नई शोध पर अच्छा कार्य कर रहा है। हम समयबद्ध और योजनाबद्ध तरीके से मिलकर कार्य करेंगे। व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर और इसके समन्वयक डॉ .मनोज पांडेय ने एमओयू की औपचारिकता पूरी कर हस्ताक्षर करवाया। इस अवसर पर गुरु नानक महाविद्यालय के प्राचार्य एमजी रघुनाथन, डॉ. डाली मौर्य, स्वाती आदि शामिल थीं। उप कुलसचिव वीरेंद्र मौर्य, सहायक कुलसचिव बबीता सिंह, प्रो. देवराज सिंह, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार यादव, डॉ. मिथिलेश यादव आदि उपस्थित रहे।