वासंतिक नवरात्र के अवसर पर शीतला धाम चौकियां में मां का दरबार पूरी तरह सज चुका है। मंदिर प्रशासन, पंडा परिवार और स्थानीय प्रशासन पिछले कई दिनों से तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे थे। इस वर्ष भगवती पालकी पर सवार होकर आएंगी और हाथी पर सवार होकर प्रस्थान करेंगी। मान्यता है कि विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी के दर्शन का पूर्ण फल तभी मिलता है, जब श्रद्धालु पहले मां शीतला के दरबार में मत्था टेकते हैं। इसी आस्था के चलते जौनपुर के अलावा आजमगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या और गोरखपुर जैसे जनपदों से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। धाम के महंत विवेकानंद पांडा ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन भोर में पौने चार बजे मंदिर के पट खुलेंगे और साढ़े चार बजे आरती के बाद भक्त मां शैलपुत्री के रूप में दर्शन कर सकेंगे।
शीतला धाम में सोमवार और शुक्रवार को विशेष भीड़ होती है। सामान्य दिनों में भी यहां करीब 10 हजार भक्त दर्शन के लिए आते हैं। यहां भक्तजन कढ़ाई करते हैं, जिसमें माता को हलवा और पूड़ी चढ़ाने की प्राचीन परंपरा है।
सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए 25 सब-इंस्पेक्टर सहित कुल 200 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 20 से 25 पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में तैनात रहेंगे। बदलापुर क्षेत्र के मंदिरों में भी नवरात्र को लेकर उत्साह दिखा।