धर्मापुर। मां शीतला चौकियां धाम में नवरात्र के दूसरे दिन माता के ब्रह्मचारिणी स्वरूप में भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। तड़के सुबह मंदिर के महंत विवेकानंद पंडा ने माता की आरती की। इसके बाद से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गयी। बारी- बारी से सभी श्रद्धालुओं ने हाथ में नारियल चुनरी, माला फूल लेकर माता शीतला का भव्य रूप में दर्शन पूजन किया। 40 हजार भक्तों ने दर्शन किए।
मंदिर के महंत विवेकानंद पंडा ने बताया कि कथा के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया। इस कारण मां को ब्रह्मचारिणी कहा गया। नवरात्र के दूसरे दिन पीले रंग के वस्त्र पहन कर माता की पूजा अर्चना की जाती है। माता का शृंगार भी पीले वस्त्र से किया जाता है। मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप को पीला रंग बहुत प्रिय है। साथ ही माता को पीले रंग के फूल, फल आदि अवश्य अर्पित किया जाता है। शीतला चौकियां धाम में सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुलने के पश्चात माता रानी का पीले वस्त्र, गेंदा, अड़हुल और गुलाब के फूल से भव्य शृंगार कर महंत विवेकानंद पंडा ने पूजन किया। दुर्गा सप्तशती पाठ, वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन पूजन माता रानी के जयकारों एवं घंटों की गूंज से सारा वातावरण मनमोहक भक्तिमय हो गया। भदोही, गाजीपुर, आजमगढ़ और सुल्तानपुर जनपद से भी आए श्रद्धालुओं ने मुंडन संस्कार, कड़ाही, पूजन आदि करके परिवार समेत मां के चरणों में मत्था टेका। मंदिर की ओर से बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दो व्हील चेयर की भी व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था की देखरेख खुद सीओ सिटी देवेश सिंह कर रहे हैं।