मां शीतला के साप्ताहिक श्रृंगार के बाद भव्य मां शीतला चौकियां का रूप। संवाद
धर्मापुर। पूर्वांचल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां शीतला चौकियां धाम में सोमवार को मां शीतला का शृंगार धूमधाम से किया गया। बैगनी रंग के लहंगे, लाल गुलाब, गेंदा दौना के फूलों से जब मां का दरबार सजा तो देखते ही श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। दोपहर के साढ़े तीन बजे गर्भगृह में पुजारी शिव कुमार पंडा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां शीतला का पूजन किया। इसके बाद मां को बर्फी, हलवा, मेवा, मिष्टान्न और मौसमी फलों का भोग अर्पित किया। भोग के बाद मां की दिव्य महाआरती हुई। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर शंख, घंटा-घड़ियाल और जय मां शीतला के उद्घोष से गूंज उठा। आरती के बाद मंदिर में आए सभी श्रद्धालुओं को भोग-प्रसाद वितरित किया गया। महिला श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही। कई परिवार ऐसे भी थे जो मनोकामना पूर्ण होने पर सपरिवार चुनरी और प्रसाद लेकर मां के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे थे। मां शीतला के दिव्य दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने परिसर में स्थित बाबा काल भैरव का भी दर्शन-पूजन किया। मान्यता है कि मां शीतला के दर्शन के बाद काल भैरव के दर्शन से यात्रा पूर्ण होती है। चौकियां धाम के महंत विवेकानंद पंडा ने बताया कि हर सोमवार को मां शीतला का विशेष साप्ताहिक शृंगार किया जाता है। इस दौरान मां को ऋतु के फूलों और नई साड़ी से सजाया गया। उन्होंने बताया कि हरितालिका तीज होने के बावजूद भी हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।