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आठवीं शक्ति के रूप में पूंजी गई मां महागौरी

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जौनपुर। वासंतिक नवरात्र के आठवें दिन देवी मंदिरों में मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा हुई। अष्टांग योग की अधिष्ठात्री देवी महागौरी की घरों में ही आराधना हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लोगों ने मां को नारियल-चुनरी और फल-फूल अर्पित किया। दुर्गा सप्तशती और चालीसा का पाठ पूरे दिन गूंजता रहा। मंदिरों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दर्शन-पूजन हुआ।चौकियां स्थित मां शीतला धाम, शहर के नवदुर्गा मंदिर सहित अन्य प्रमुख देवी मंदिरों में पूरे दिन दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रहा। मान्यता है कि मां महागौरी सृष्टि का आधार हैं। मां के इस स्वरूप की पूजा विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए करती हैं। देवी महागौरी की पूजा करने से सभी मनोकामना पूरी होती है। मां के हाथ में शक्ति का प्रतीक त्रिशूल है तो दूसरे हाथ में भगवान शिव का प्रतीक डमरू है। अपने सांसारिक रूप में महागौरी श्वेत वस्त्रधारी और चतुर्भुजा हैं। तीसरा हाथ वरमुद्रा में हैं और चौथा हाथ एक गृहस्थ महिला की शक्ति को दर्शाता है। महागौरी की उपासना से पूर्वसंचित पाप भी नष्ट हो जाते हैं। नवरात्र पूजन में इस दिन का विशेष महत्व है। सामान्य रुप से मंदिरों में भीड़ उमड़ती है। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार मंदिरों में पाबंदियां लगाई गई हैं। शीतला धाम में श्रद्धालु मास्क-सैनिटाइजर का उपयोग करते हुए दर्शन कर रहे हैं। ज्यादातर लोगों ने घरों में ही देवी की आराधना की। शहर के सिटी स्टेशन रोड स्थित मां दक्षिणा काली मंदिर में भी मां के दर्शन पूजन के लिए भक्तों के लिए खासी भीड रही। पुजारी वागीश सिंह ने भक्तों को बारी-बारी से दर्शन कराया। शाम को मंदिर महाआरती का आयोजन हुआ और प्रसाद का वितरण किया गया।
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