गर्मी का दस्तक शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप शुरू हो गया है। ऐसे में डेंगू को लेकर लोगों के मन में डर शुरू हो गया है। 2025 में तीन महीने में डेंगू के दो और मलेरिया का एक मरीज मिला है। इसके बाद नगर पालिका, पंचायती राज विभाग और स्वास्थ्य विभाग नहीं चेत रहा है। पिछले साल डेंगू के 626 मरीज मिले थे। डेंगू के संक्रमण की सीजन नहीं होने के बाद भी मच्छर पनप रहे है।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अभी न तो छिड़काव करा रहा और नहीं बचाव के लिए कोई पहल की जा रही है। पिछले साल डेंगू ने कहर इस कदर मचाया था कि मंडल की टीम को भी जिले का दौरा कर हकीकत की जानकारी लेनी पड़ थी। डाक्टरों की टीम डोर-टू-डोर जाकर घरों का निरीक्षण किया था। इस बार वहीं स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग सचेत नहीं हो रहा है।
पहले अप्रैल से घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीमें
स्वास्थ्य विभाग पहली अप्रैल से संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू करेंगा। स्वास्थ्य विभाग डोर-टू-डोर जाकर घरों के अंदर पड़े फ्री, पानी की टंकी आदि की जांच करेंगे। अधिकारी डोर-टू-डोर तो जाएंगे इसके अलावा स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, मच्छर पनपने वाले स्थानों को चिन्हित करेंगे।
बीमार लोगों की सूची बनाकर उनकी जांच कराने के साथ इलाज भी कराएंगे। स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास, पंचायती राज, पशुपालन, बाल विकास, शिक्षा विभाग, दिव्यांगजन, कृषि, सूचना विभाग, उद्यान समेत 12 विभागों से सहयोग लिया जा रहा है।
पिछले तीन सालों में मिले इतने डेंगू के मरीज
पिछले चार साल के रिपोर्ट पर नजर डालें तो 2020 में डेंगू के 21 और मलेरिया के 21 मरीज मिले थे। 2021 में डेंगू के 161 और मलेरिया के 12 मरीज मिले। 2022 में डेंगू चरम पर रहा। कुल 1160 डेंगू के मरीज मिले, जबकि मलेरिया के केवल 6 मरीज मिले। 2023 में डेंगू के 868 और मलेरिया के 9 मरीज मिले। 2024 में डेंगू के 626 और मलेरिया के 4 मरीज मिले। 2025 में अब तक डेंगू के 2 और मलेरिया का एक मरीज मिला है।
जिले में एक अप्रैल से संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू हो रहा है। इसमें स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर सर्वे करेंगी। बीमार लोगों की डिटेल जुटाएंगी। उनकी जांच कर इलाज कराया जाएगा। दवाओं का शहर में नगर पालिका और ग्रामीण इलाकों में प्रधान को छिड़काव कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। --डा. सुनील कुमार, डीएमओ जौनपुर।