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मॉक ड्रील: पुलिस लाइन में दंगा, एक की मौत

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पुलिस लाईन मैदान में दंगा नियंत्रण के लिए मॉक ड्रिल करते पुलिस कर्मी। संवाद - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। पुलिस लाइन में रविवार दिन में 11 बजे एक तरफ सादे कपड़ों में दंगाइयों की भीड़ थी, दूसरी तरफ पुलिस के जवान....। मौके पर एसपी अजय साहनी, एएसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह, सीओ जितेंद्र दुबे, गौरव शर्मा के अलावा 27 थानों से आई पुलिस, एलआईयू, पुलिस लाइन के सभी विभागों की टीम। अचानक दंगाइयों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। जवाब में पुलिस की ओर से भी जवाब देते हुए उन्हें खदेड़ा गया। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस को गोली भी चलानी पड़ी, जिसमें एक की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए।
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यह कोई हकीकत में हुआ दंगा नहीं था, बल्कि दंगा नियंत्रण को पुलिस की मॉकड्रिल थी। दिन में 11 बजे से शुरू हुई मॉक ड्रील में पहले काल्पनिक सीन बनाई गई, जिसके मुताबिक प्रदर्शनकारी 150 की संख्या में पहुंच गए। वे पुलिस प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। इसकी खबर लगते ही एलआईयू की टीम पहुंची, जो लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास की। लेकिन वे नहीं माने तो सिविल पुलिस को इसकी खबर दी, जिसके बाद हरकत में आई पुलिस भी पहुंची, लेकिन प्रदर्शनकारियों को शांत कराने में नाकाम साबित हुई तो घुड़सवारी टीम पहुंची, जिसने भीड़ को तितर-बितर कर दिया। लेकिन इस टीम के लौटने के बाद ही प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। स्थिति नियंत्रण से बाहर होते देख एंटी राइट टीम पहुंची और बैलेट फायर की, फायर ब्रिगेड की गाड़ी से पानी की बौछार की। इसके बाद भी दंगाई नहीं हटे। आंसू गोस के गोले छोड़े। इससे प्रदर्शनकारी हट तो गए। लेकिन, टीम के जाते ही और आक्रोशित हो गए। जिसके बाद पुलिस की लाठी टीम पुलिस सुरक्षा के साथ पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। हल्का बल प्रयोग करके भीड़ को काबू में लाने का प्रयास किया, मगर स्थिति बिगड़ गई, जिसके कारण पुलिस की फायर पार्टी को राइफल आदि के साथ आना पड़ा। जिस पर बलवाइयों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस पर पुलिस को गोली चलानी पड़ गई। इससे भदगड़ मच गई और बलवाई भाग खड़े गए। मगर एक की मौत हो गई। दो लोग घायल हो गए। एंबुलेंस से उन्हें पुलिस लाइन में ही बने अस्पातल में भर्ती कराया गया। फिर शव को मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम कराने के साथ ही आगे की कार्रवाई की। इस पुलिस की एक पार्टी दंगा स्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने का कार्य करती है। दोपहर 12 बजे तक चले इस दंगा नियंत्रण अभ्यास को देखने के लिए लोग जमे रहे। एसपी और एएसपी ग्रामीण ने बताया कि दो साल बाद दंगा नियंत्रण का अभ्यास कराया गया है। सभी पुलिसकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारियों का अच्छे से निर्वहन किया है।
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