जौनपुर। ख्वाब अधूरे छोड़कर परदेश से लौट रहे मजदूरों को गांव में ही काम देने के लिए सरकारी अमला जुट गया है। मुंबई, सूरत, पंजाब से आने वाले मजदूरों को मनरेगा के तहत जॉब कार्ड बनने शुरू हो गए हैं। अब तक 3024 मजदूरों के जॉब कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें 2511 को काम भी मिल चुका है। गांव में ही काम पाने वाले मजदूर अब परदेश न जाने का मन बना रहे हैं।
लॉक डाउन की सबसे बड़ी मार मजदूर तबके पर पड़ी है। काम-धंधा बंद होने के बाद परदेश में रह रहे मजदूर अब घर लौट रहे हैं। पैदल, साइकिल, ऑटो के अलावा बस और ट्रेन से आ रहे यह मजदूर बड़े शहरों की दुश्वारियों को देखकर अब गांव के ही आसपास रोजगार तलाशने में जुटे हैं। सरकार ने ऐसे सभी मजदूरों को मनरेगा के तहत गांव में ही काम उपलब्ध कराने का वादा भी किया है। इसके तहत जिले में इन मजदूरों का जॉब कार्ड बनाने का काम जोरों पर है। अब तक जिले में 50 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक पहुंचे हैं। इनमें ज्यादातर पिछले 10 दिनों के अंदर ट्रेनों के माध्यम से आए हैं। पूर्व में विभिन्न साधनों से आए करीब 10 हजार मजदूरों में से काम करने की इच्छा जताने वालों के मनरेगा से कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके लिए प्रधान व सचिव सहित सभी बीडीओ काम करने के इच्छुक प्रवासी श्रमिकों का जॉब कार्ड बनाने का निर्देश दिया गया है। मनरेगा सेल के आंकड़े पर गौर करें तो जिले के 1749 ग्राम पंचायतों में से अभी तक 786 ग्राम पंचायतों में 6932 प्रवासी श्रमिकों ने काम की मांग की है। इन सभी का कार्ड बनाया जा रहा है। अब तक 3024 प्रवासी मजदूरों का जाब कार्ड बनाया जा चुका है। इसमें से 2511 जाब कार्ड धारकों को काम भी दिया गया है। शेष को काम देने का कार्य किया जा रहा है।
बक्शा में सबसे अधिक बना है प्रवासी मजदूरों का जॉब कार्ड
जौनपुर। जिले में सबसे अधिक बक्शा ब्लाक में प्रवासी श्रमिकों का जॉब कार्ड बनाया है, संख्या 350 है। इसके अलावा बदलापुर में 20, बरसठी में 97, धर्मापुर में 78, डोभी में 132, जलालपुर में 15, करंजाकला में 270, केराकत में 68, खुटहन में 310, मछलीशहर में 140, महराजगंज में 320, मड़ियाहूं में 142, मुंगराबदशाहपुर में 142, मुफ्तीगंज में 280, रामनगर में 85, रामपुर में 145, शाहगंज में 70, सिकरारा में 15, सिरकोनी में 67, सुईथाकला में 41 व सुजानगंज में 217 प्रवासी श्रमिकों का जॉब कार्ड बनाया गया है।
बीडीओ, प्रधान व सचिव को निर्देश दिया गया है कि जो भी प्रवासी श्रमिक काम करना चाहे, उससे मांग पत्र लेकर जॉब कार्ड बनाया जाए। सभी श्रमिकों को ज्यादा से ज्यादा काम मिल सके, इसके लिए पूरी कोशिश जारी है। अभी 3024 श्रमिकों के कार्ड बनाए गए हैं। इसमें 2511 श्रमिकों को काम भी दिया गया है। शेष श्रमिकों को भी शीघ्र ही काम दिया जाएगा।
-भूपेंद्र कुमार सिंह, उपायुक्त मनरेगा।
प्रशिक्षण लें और खुद शुरू करें रोजगार
जौनपुर। मनरेगा के अलावा कुशल श्रमिकों के हुनर को निखार कर आत्मनिर्भर बनाने की कवायद भी तेज की गई है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत नाई, मोची, दर्जी, बढ़ई, हलवाई, टोकरी बुनकर, कुम्हार, लोहार, राजमिस्त्री, सुनार आदि ट्रेडों में काम करने वालों के हुनर को निखारने के लिए छह दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन 28 मई तक किया जा सकता है। प्रशिक्षण के लिए ऐसे लोग पात्र होंगे, जिनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक होगी। प्रशिक्षण के बाद उन्हें टूल किट भी दिया जाएगा, जिससे वह अपना रोजगार शुरू कर सकें। जिला उद्योग प्रोत्साहन केंद्र व उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त साहब सरन ने बताया कि परदेश से लौटने वाले तमाम प्रवासी श्रमिकों में इस रोजगार से जुड़े लोगों की संख्या भी काफी अधिक है। योजना के माध्यम से उन्हें गांव या आसपास ही रोजगार उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। इच्छुक व्यक्ति किसी भी कार्यदिवस में जगदीशपट्टी स्थित विभागीय कार्यालय या मोबाइल नंबर: 7007637063, 7398278677, 9125039212, 9450388087 पर संपर्क कर सकते हैं।