मीरगंज। करियांव गांव में मुंबई से आकर होम क्वारंटीन में रह रहे एक व्यक्ति की क्वारंटीन का समय पूरा करने से पहले रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ी और जिला अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार वाराणसी में कर दिया। दोपहर बाद स्वास्थ्य टीम ने गांव पहुंचकर परिवार के सदस्यों से जानकारी जुटाई।
करियांव गांव निवासी प्रकाश चंद्र शुक्ला (40) मुंबई में रहते थे। 18 मई को अपने पुत्र आयुष (15) व भतीजे कृष्ण कुमार के साथ श्रमिक एक्सप्रेस से गोरखपुर पहुंचे। वहां से बस में मछलीशहर आने के बाद उन्हें होम क्वारंटीन में भेज दिया गया था। रविवार को प्रकाश चंद्र की तबीयत खराब हुई तो परिजन निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने इलाज से इंकार करते हुए जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। जिला अस्पताल में देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजन वहां से शव घर ले गए। मुंबई से आए व्यक्ति की मौत की खबर पर क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस और कोरोना निगरानी टीम भी पहुंच गई। परिजनों ने बताया कि जिला अस्पताल से उन्हें अंत्येष्टि करने की अनुमति मिली है। इसके बाद परिजन शव वाराणसी ले गए। कोरोना निगरानी टीम के चिकित्सक डॉ. बीएल यादव ने बताया कि मुंबई से साथ आए पुत्र व भतीजे के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। कोरोना जैसे लक्षण दिखने पर उनका सैंपल लिया जाएगा।