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इस्लाम से मिलती है मजलूमों को इंसाफ दिलाने की सीख: मौलाना जेनान

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जौनपुर। मदरसा ईमानिया नासिरया हमाम दरवाजा में पैगंबरे इस्लाम हजरत मुहम्मद (स.अ.व) की बेटी हजरत फात्मा जहरा (स.अ) की शहादत के मौके पर तीन दिवसीय मजालिस का आयोजन शुरू हुआ। इस मौके पर दिल्ली के मौलाना जेनान असगर मौलाई ने कहा कि इस्लाम दुनियां के हर मजलूम की हिमायत का हुक्म देता है। हजरत फात्मा जहरा (स.अ) को सच्ची खेराजे अकीदत यही है कि दुनियां के जालिमों के खिलाफ मजलूमों की हिमायत में आवाज बुलंद की जाए। इन मजलिसों में उल्मा एवं जाकेरीन ने हजरत फात्मा जहरा की सीरत को बयान किया। उनकी शहादत से जुडे मसायब पढ़कर उपस्थित लोगों को गमगीन कर किया। इस मौके पर सभी मजलिसों में शहर के नामवर सोजखानों एवम शायरों ने भी कलाम पढ़कर बीबी फात्मा जहरा को खेराजे अकीदत पेश किया। मजलिस का संचालन मौलाना सैय्यद आबिद रजा मोहम्मदाबादी एवं मोलवी आकिब बरसरावी आजमगढ़ अंजाम ने किया। मजलिस में मौलाना सैय्यद नदीम रजा जैदी फैजाबाद अयोध्या, मौलाना जेनान असगर मौलाई दिल्ली, मौलाना सै. इंतेजार आब्दी प्रयागराज, मौलाना सैय्यद जफरूल हुसैनी इमामे जुमा बनारस, मौलाना सैय्यद कमर हसनैन दिल्ली ने संबोधित किया। 17 जनवरी को आखिरी मजलिस को मौलाना महफूजुल हसन खां इमामे जुमा जौनपुर एवं प्रधानाचार्य मदरसा इमानिया नासिरया संबोधित करेंगे। खत्मे मजलिस शबीहे ताबूते फात्मा जहरा की बरामद होगा। जिसमें मशहूर नौहा खां, मौलाना आरिफ खां सुल्तानपुरी नौहाखानी करेंगे।
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