जौनपुर। शहर के सड़कों पर जाम लगना आम बात है। इसका प्रमुख कारण पटरियों पर अतिक्रमण होना है। आलम ये है कि कई दुकानदार अपना सामान पटरियों पर रखकर बेचते हैं और अपनी दुकान किराये पर दे देते हैं। अतिक्रमण के चलते शहर के दो प्रमुख मार्ग ओलंदगंज से कोतवाली व मियापुर से सिविल लाइन मार्ग अतिक्रमण के चलते महज 30 फीट का हो गया है। जबकि इसकी वास्तविक चौड़ाई करीब 60 फीट है। यातायात विभाग व नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता अतिक्रमण व्याप्त है।
शहर के प्रमुख बाजारों में सुबह दस बजे ही दुकानदारों पटरियों पर सामान रखकर अतिक्रमण कर लिया जाता है। इससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। यह दृश्य जेसीज चौराहा से ओलंदगंज मार्ग, ओलंदगंज बाजार, सिविल लाइंस, बदलापुर पड़ाव, पॉलीटेक्निक चौराहा, नईगंज, जेसीज चौराहा, लाइन बाजार, चहारसू चौराहा, कोतवाली चौराहा, सब्जी मंडी, अलफस्टीनगंज, शिया कॉलेज, अटाला मार्ग, शाही किला से सिपाह मार्ग पर प्रतिदिन देखने को मिलेगा। नगर पालिका परिषद जौनपुर व जिला प्रशासन की तरफ से सालभर में कभी-कभार ही अभियान चलाया जाता है। इससे दुकानदार बेखौफ अतिक्रमण करते हैं।
ओलंदगंज की स्थिति यह है कि यहां कुछ छोटी दुकानों के स्वामी ने अपनी दुकान किराए पर उठाकर स्वयं सड़क पर अपना व्यवसाय करते हैं। इससे बाजार भाव के हिसाब से उसका अच्छा खासा किराया मिल जा रहा है। वहीं कचहरी मार्ग पर भी लोग अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण कर किराया उठा रहे हैं। इसके लिए बाकायदा अच्छी खासी पगड़ी भी लोग दे रहे हैं।
जाम के प्रमुख तीन कारण : दुकानदार नाली पर पक्का निर्माण कराकर उसका पर कब्जा करते हैं।
- नाली के बाद पटरियों पर दुकान के कुछ हिस्सों को सजाते हैं।
- आने वाले ग्राहक सड़क पर वाहनों को बेतरतीब तरीके से खड़ा करते हैं।
जाम से निजात के उपाय:- अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन को लगातार अभियान चलाना होगा।
- व्यापारियों को चेताना होगा कि नाली के अंदर ही रहकर व्यापार करें।
- नाली के ऊपर न किया जाए पक्का निर्माण, जिससे सफाई हो सके।
- अतिक्रमण करने वाले व्यापारियों से वसूला जाए जुर्माना।
अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस फोर्स की भी आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर उनकी मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया जाएगा, जिससे शहर को जाम से मुक्ति दिलाई जा सके।- पवन कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद जौनपुर।