पिछले तीन दिन से रुक रुक कर हो रही बारिश से शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बारिश से जहां लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है वहीं धान की फसल के लिए काफी फायदा हुआ है।
सोमवार को सुबह साढ़े छह बजे से झमाझम बारिश हुई। कुछ देर बाद रिमझिम बारिश का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। बदलापुर इलाके में चक्रवात के साथ हुई बारिश से कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए।
बारिश के कारण तमाम विद्यालय बंद कर दिए गए। सोमवार की सुबह साढ़े छह बजे भगवान इंद्रदेव मेहरबान हुए। जिससे दोपहर तक झमाझमा बारिश हुई। बारिश से गांव में तालाब व पोखरे भरने के साथ ही जल-जमाव हो गया।
सिंचाई के लिए सूख रही धान की फसल के लिए संजीवनी साबित हुई। इसको लेकर किसानों के मायुस चेहरे पर मुस्कान आ गया। किसान रोपे गए धान के खेतों में पहुंचकर पानी रोकने का कार्य कर रहे हैं।
उधर कार्यालय जाने वाले लोगों को बारिश के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। कई कर्मचारी छाता तो कई रेनकोट पहनकर कार्यालय पहुंचे। वहीं कई कर्मचारी भींगते हुए कार्यालय पहुंचे।
पालिका की लापरवाही के कारण मुहल्लेवासियों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। नाली जाम होने के कारण मुहल्लें की गलियों और मुहल्लेवासियों के घरों में पानी भर गया था। सड़कों पर जल-जमाव से राहगीरों को दिक्कत हुई।