जौनपुर। जिले में कई सरकारी कार्यालय भवन जर्जर अवस्था में दिन बहुरने का इंतजार कर रहे हैं। जर्जर भवनों को दुबारा बनाने के लिए इन्हें चिह्नित किया गया लेकिन अभी तक उनको निष्प्रयोज्य घोषित कर गिराया नहीं जा सका।
जिले में कई सरकारी कार्यालय जर्जर पड़े हुए हैं। इतना ही नहीं, 300 प्राथमिक विद्यालय भी जर्जर हैं। इन्हीं विद्यालयों में पढ़ाई भी होती है। इसके अलावा, ग्रामीण इलाके से लेकर ब्लाक और तहसील सहित जिला मुख्यालय पर भी तकरीब 100 से अधिक सरकारी भवन जर्जर हैं, जिसमें आंगनबाड़ी केंद्र, सदर पशु अस्पताल, रोडवेज वर्कशाप, जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी प्रथम और जिला कृषि रक्षा कार्यालय सहित दर्जनों विभागों के जर्जर भवन शामिल हैं। इन कार्यालयों में लगभग हजारों कर्मचारी काम करते हैं, लेकिन भवन जर्जर होने से हर समय उनकी जान को खतरा बना हुआ है। वहीं, अधिकारी और कर्मचारी डर के साये में काम करने को विवश है।
तहसील सदर : भवन देखकर ही लगता है डर
कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित सदर तहसील का नजारत कक्ष और लेखपाल कक्ष जर्जर हो गया है। उसकी मरम्मत भी नहीं कराई जा रही है। बरामदा टूटा हुआ है। छत भी जगह-जगह चिटक गई है। अभिलेखों को भी रखने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे अभिलेखों को या तो कर्मचारी अपने साथ ले जाते हैं या फिर दूसरे कार्यालयों में रखते हैं। इस जर्जर भवन देखकर ही डर लगाता है।
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय की गिर चुकी एक कमरे की छत
जौनपुर। जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी प्रथम और जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय भी जर्जर हो गया है। जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के एक कमरे का छत टूट कर गिर चुकी है। अन्य कमरों की छत भी जर्जर है, जिसके गिरने का हर समय खतरा बना हुआ है। ऐसा ही हाल भूमि संरक्षण प्रथम और जिला कृषि रक्षा अधिकारी के कार्यालय का भी है। इन कार्यालयों की छतें और दीवारें जर्जर हो गई हैं। इन कमरों में लगभग 75 से अधिक कर्मचारी बैठकर काम करते हैं। जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार चौबे ने बताया कि भवन के निर्माण की स्वीकृति शासन से मिल गई है। बजट आने पर भूमि का चयन कर नये भवन का निर्माण कराया जाएगा।
गिरने के कगार पर है रोडवेज का वर्कशॉप
रोडवेज बस डिपो का वर्कशाप जर्जर हो गया है। वह गिरने के कगार पर है। बावजूद इसके इस जर्जर वर्कशाप के भवन में आज भी 70 से अधिक कर्मचारी बसों के मरम्मत आदि का कार्य करते हैं। कमरों की दीवारें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि कभी जमींदोज हो सकती हैं, जिसमें बैठकर काम करना मुश्किल हो गया है। वहीं बसों को बनाने के लिए नये पूर्जो भी सही सलामत नहीं रखा जा पा रहा है, जिससे दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
जर्जर भवन से बाहर बैठते हैं पशु चिकित्सक
पशु पालन विभाग के सदर तहसील का पशु अस्पताल का भवन जर्जर हो चुका है, लेकिन अभी तक इस भवन निष्प्रयोज्य घोषित नहीं किया गया है। भवन के जर्जर होने से बाहर बैठ कर पशु डाक्टर व कर्मचारियों को काम करने को विवश हैं। वहीं छत टूटने के कारण दवा आदि को दूसरे स्थानों पर रखना पड़ रहा है। सुबह आने के बाद दवा सहित कुर्सी, टेबल आदि सामानों को लाना पड़ता है।