संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश रूपाली सक्सेना की अदालत ने सरपतहा निवासी 17 वर्षीय पीड़िता का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में सार्जन को दोषी सिद्ध करते हुए सात साल की कैद की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया।
घटना की प्राथमिकी पीड़िता के पिता ने दर्ज कराई थी। वादी के अनुसार 17 वर्षीय बेटी को 25 दिसंबर 2015 को शाम सात बजे सरपतहां थाना क्षेत्र बुमकहां गांव निवासी सार्जन बहला फुसला कर गोवा भगा ले गया। वहां दोनों ने मंदिर में शादी की और पति-पत्नी की तरह रहने लगे। आरोपी 16 अगस्त 2016 को उसे घर लाया तो पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। कानूनी प्रक्रिया के बाद पीड़िता को उसके परिवार को सुपुर्द कर दिया। उस समय पीड़िता गर्भवती थी। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल जांच कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराया। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपी को अपहरण व दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सजा सुनाया।