खुटहन। क्षेत्र के कानामऊ गांव में मंगलवार को आयोजित वार्षिक निरंकारी संत समागम कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आजमगढ़ से पहुंची ज्ञान प्रचारक डाॅ. रीता ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जब तक हमारे मन व अंत:करण में भ्रम है, तब तक हमें ब्रह्म की प्राप्ति नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि चौरासी लाख योनियों में मानव ही सर्वश्रेष्ठ रचना है। करोड़ों वर्ष तक अनगिनत योनियों की असहनीय पीड़ा और भोग भोगने के बाद आखिर में यह मनुष्य शरीर मिला है। इस दौरान भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर सुभाष चंद्र, राजित राम, शंकर, कृष्णा श्रीवास्तव, राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।