जफराबाद। नेवादा बाईपास में तिहरे हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार डरा सहमा है। इनकी सुरक्षा में पुलिस की उदासीनता की खबर 8 जून के अंक में परिवार से बातचीत करते हुए प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। खबर का असर यह हुआ कि रविवार सुबह से ही जिले के अधिकारी सक्रिय हो गए। मृतक लालजी के परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस और पीएसी की टीम तैनात कर दी गई। मोहल्ला छावनी में तब्दील कर दिया गया। गुड्डू की पत्नी सरिता बताती हैं कि दो दिन से पुलिस नहीं आई थी। हम सभी किसी अनहोनी की आशंका से डरे थे। अब हमारी सुरक्षा में पुलिस आ गई है। तिहरे हत्याकांड के 14 वें दिन पीड़ित परिवार के घर अखबार की टीम पहुंची थी। परिवार के लोगों ने बताया था, पुलिस के जवान सिर्फ 6 घंटे रहते हैं, शाम 4 बजे चले जाते थे, दो-दिन से तो आए ही नहीं। इस बारे में थाने से जानकारी ली गई , वहां बताया गया कि एक दारोगा, दो सिपाही की ड्यूटी 24 घंटे लगाई गई है।
सुरक्षा पर एक नजर :-रविवार को महमदपुर में लालजी के घर पीएसी के एक दीवान व 8 सिपाही ड्यूटी करते दिखे। वहीं जफराबाद थाने के एक दारोगा व दो सिपाही की तैनाती भी कर दी गई है। गुड्डू की पत्नी सरिता कहती हैं कि हमें इस बात का डर था कि हत्याकांड का मुख्य आरोपी अरविंद गोलू अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है, कहीं वो रात में मेरे पूरे परिवार को ही खत्म न कर दे। हम रातभर जागकर रात बिताते हैं। अब हम सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पुलिस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करे, सख्त कार्रवाई हो यही उम्मीद है।
तिहरे हत्याकांड के पीड़ितों के घर पर सुरक्षा व्यवस्था करा दी गई है। भारी संख्या में पुलिस बल व पीएसी तैनात है। उच्चाधिकारियों के आदेश तक पुलिस बल तैनात रहेगी। - विश्वनाथ प्रताप सिंह, थाना प्रभारी जफराबाद