जौनपुर। तीन दिन पहले ही जेल से रिहा हुए बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह की तलाश में लखनऊ पुलिस शनिवार को जौनपुर पहुंची। शहर स्थित पूर्व सांसद के आवास और पैतृक गांव बनसफा में पुलिस टीम ने दबिश दी। सिविल लाइंस और जमैथा स्थित करीबियों के आवास पर भी पुलिस ने पहुंचकर छानबीन की। वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की गई। हालांकि पूर्व सांसद के बारे मेें पता नहीं चला। देर शाम तक टीम जिले में ही जमी रही।
पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर छह जनवरी को लखनऊ में हुए अजीत सिंह हत्याकांड में साजिश रचने का आरोप है। मामले में पुलिस का शिकंजा कसता देख पूर्व सांसद ने खुटहन में ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव के दौरान 5 मार्च 2017 को हुई आगजनी और बलवा की घटना में अपनी जमानत निरस्त कराते हुए एमपीएमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। करीब 21 दिन तक जेल में रहने के बाद बुधवार को उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई। जमानत के बाद जेल से रिहा होने के तीन दिन बाद ही लखनऊ पुलिस धनंजय सिंह की तलाश में जौनपुर धमक पड़ी।
लखनऊ के विभूतिखंड थाने के एसआई के नेतृत्व में टीम पहले एसपी कार्यालय पहुंची। यहां से एएसपी सिटी डॉ संजय कुमार, कोतवाली पुलिस को साथ लेकर शहर कोतवाली क्षेत्र के कालीकुत्ती मोहल्ले में स्थित पूर्व सांसद धनंजय सिंह के आवास पर पहुंची। पुलिस ने पूरे परिसर को घेर लिया। कमरों की तलाशी ली। यहां मौजूद पूर्व सांसद के निजी चौकीदार और कुछ करीबियों से पु लिस ने पूछताछ की, लेकिन किसी से भी धनंजय सिंह के बारे में पुलिस को कोई जानकारी हासिल नहीं हो सकी। यहां से पुलिस धनंजय सिंह के करीबी जमैथा गांव निवासी आशुतोष सिंह के सिविला लाइंस और गांव में स्थित आवास पर पहुंची। आशुतोष सिंह भी घर पर नहीं मिले। उधर, धनंजय सिंह के पैतृक गांव बनसफा में भी सिकरारा पुलिस ने पहुंचकर छानबीन की। वहां मौजूद उनकी पत्नी श्रीकला सिंह से बातचीत कर पुलिस लौट गई।
वर्जन
लखनऊ पुलिस पूर्व सांसद धनंजय सिंह की तलाश में यहां आई थी। उनके आवास और अन्य संभावित स्थानों पर जांच की गई, लेकिन न तो वह घर पर मिले और न ही उनके बारे में कोई जानकारी मिल सकी। छानबीन के बाद लखनऊ पुलिस लौट गई। -डॉ संजय कुमार, एएसपी सिटी।
अचानक छापेमारी से मची खलबली
शहर के कालीकुत्ती मोहल्ले में शनिवार को उस समय खलबली मच गई, जब भारी संख्या में पुलिस फोर्स अचानक पूर्व सांसद धनंजय सिंह के आवास पर पहुंची। पुलिस ने पहले पूरे परिसर को घेर लिया। गेट को बंद कर दिया। इसके बाद वह ऊपर के कमरों में गई। एक-एक कमरों में जाकर देखा, लेकिन धनंजय का सुराग नहीं मिला। इस दौरान पूर्व सांसद के कुछ करीबी जरुर मिले। पुलिस ने उनसे पूछताछ की, मगर उन्होंने अनभिज्ञता जताई। लखनऊ पुलिस के जिले में पहुंचने की खबर मिलते ही पूर्व सांसद से जुड़े लोगों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए।
नामांकन के कुछ घंटे बाद धमकी पुलिस
धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला सिंह ने दोपहर करीब 12 बजे जिला पंचायत सदस्य पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। उनके साथ जोशोखरोस से पूर्व सांसद के समर्थक भी मौजूद रहे। इसके कुछ घंटे बाद ही अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे लखनऊ पुलिस के एक-एक कर कई संभावित ठिकानों पर दबिश डालने के बाद समर्थकों में मायूसी छा गई।