वहां क्रय मूल्य के अतिरिक्त 16 रुपये कैरी बैग का अतिरिक्त चार्ज लिया, जो सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापारिक व्यवहार है। लुलु शॉपिंग मॉल के नियमानुसार ग्राहक कोई कैरी बैग लेकर अंदर नहीं जा सकता, ताकि ग्राहकों से कैरी बैग का अतिरिक्त शुल्क लिया जा सके।
सामानों की खरीदारी के दौरान व खरीदारी के पहले कैरी बैग के अतिरिक्त चार्ज की कोई सूचना वहां नहीं दी गई थी। परिवादी ने खरीदारी संबंधी रसीद इत्यादि दाखिल किया व राष्ट्रीय आयोग द्वारा 22 दिसंबर 2020 को दिए गए निर्णय का हवाला दिया।
विपक्षी प्रतिष्ठान के अधिवक्ता ने सूचना दिए जाने के फोटोग्राफ एवं कैरी बैग दाखिल किया। जिस पर परिवादी ने तर्क दिया कि लुलु इंडिया शॉपिंग मॉल के मुख्य प्रवेश द्वार पर कोई नोटिस बोर्ड नहीं लगा है। कैरी बैग पर उसकी कीमत भी नहीं लिखी है।
कैरी बैग बेचे जाने पर वह वस्तु की कैटेगरी में आएगा और ग्राहक को कैरी बैग की मुख्य विशेषताओं और उसकी कीमत को पहले ही जानने का अधिकार है। जिससे ग्राहक उसे खरीदने या न खरीदने का विकल्प चुन सके।
फोरम ने आदेश दिया कि सामान चुनने के बाद कैरी बैग की मुख्य विशेषताओं का खुलासा किए बिना विपक्षी कंपनी द्वारा निर्धारित कीमत पर कैरी बैग जबरदस्ती देते हुए उपभोक्ता को शर्मिंदगी और उत्पीड़न की स्थिति में डालते हुए अतिरिक्त लागत का बोझ डालना अनुचित है।
यदि विपक्षी स्वयं को जिम्मेदार और पर्यावरण के प्रति जागरूक होने का दावा करती है तो उन्हें कैरी बैग मुफ्त में देना चाहिए। विपक्षी अनुचित व्यापारिक व्यवहार का उपयोग कर देश भर में स्थित अपने सभी स्टोरों से भोले-भाले ग्राहकों से भारी मुनाफा कमा रहे हैं यह सेवा में कमी है।