भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और देवी सुभद्रा ने रथ पर आरूढ़ होकर रविवार को नगर का भ्रमण किया। नगर के रासमंडल स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर से शाम छह बजे रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा शहर के विभिन्न इलाकों से होकर मंदिर परिसर में पहुंची।
इसके पूर्व श्री जगन्नाथ धाम रासमंडल में सुबह भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रह का आचार्य डॉ. रजनी कांत द्विवेदी के नेतृत्व में पूजन मुख्य यजमान डॉ. स्मिता श्रीवास्तव एवं डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने किया। शाही खिचड़ी के भोग के बाद लोगों ने भगवान के दर्शन पूजन किए। रथयात्रा महोत्सव के अध्यक्ष शशांक सिंह रानू तथा नगर पालिका की अध्यक्ष मनोरमा मौर्या, डॉ. राम सूरत मौर्य ने रथारूढ़ भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और देवी सुभद्रा की आरती उतारी और नारियल तोड़कर रथ यात्रा का आरंभ किया।
रथयात्रा मानिक चौक, राजा फाटक, सुतहट्टी चौराहा, कोतवाली चौराहा, चहारसू चौराहा, ओलंदगंज, नवदुर्गा शिव मंदिर सद्भावना पुल, शाही किला होते हुए रासमंडल स्थित जगन्नाथ धाम में सकुशल संपन्न हुई। रथ यात्रा में श्याम मोहन अग्रवाल, दुर्गा पूजा महासमिति के अध्यक्ष अनिल अस्थाना, नवदुर्गा शिव मंदिर के मुख्य ट्रस्टी निखिलेश सिंह, विमल सेठ, सरिता मिगलानी, राजेश जावा, शिव शंकर साहू, नीरज श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।
मार्ग में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विवेक सिंह की संयुक्त टीम, बोल बम कांवरिया संघ के सुधीर साहू , अनाज व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष दिनेश टंडन, गणेश साहू , स्वर्णकार समाज, योगेश भाटिया तथा अन्य सामाजिक संस्थाओं ने जगह-जगह भगवान के रथ पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। प्रतापगढ़ से आई कृष्ण सुदामा की टोली ने पूरे मार्ग भर भगवान के नाम का संकीर्तन किया। अद्भुत झांकी आकर्षण का केंद्र रही। रथयात्रा महोत्सव समिति के अध्यक्ष शशांक सिंह रानू तथा महामंत्री शिव शंकर साहू ने संयुक्त रूप से सभी का आभार व्यक्त किया।