फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भगत सिंह को समझने के लिए पढ़ें उनका साहित्य

Mon, 21 Mar 2016 01:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
विज्ञापन
हिंदी भवन में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में मंचासीन शहीद भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह और अन्य वक्ता।
विज्ञापन
सरदार भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह ने कहा कि भगत सिंह को समझने के लिए उनके साहित्य को पढ़ना होगा। सिराजुद्दौला पहला शासक था जिसने अंग्रेजों की साम्राज्यवादी मानसिकता का विरोध किया।    देश में 1890 से लेकर 1900 तक अकाल से एक करोड़ 90 लाख लोगों की मौत हुई।
विज्ञापन


भगत सिंह का मानना था कि साम्राज्यवादी लूट के कारण बेहतर समाज का निर्माण नहीं हो पाएगा। वह रविवार को हिंदी भवन में शहीद भगत सिंंह छात्र नौजवान महासभा की ओर से आयोजित भारतीय क्रांतिकारी इतिहास का सांप्रदायिक, धार्मिक रंग में रंगने की साजिश एवं हमारी क्रांतिकारी विरासत विषयक सेमीनार में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि किसी नौजवान को यदि कमजोर करना है तो उसे अधूरा ज्ञान दो। सेमीनार के दूसरे सत्र में डा. धीरेंद्र पटेल ने सरदार भगत सिंह की प्रासंगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। अनुभवदास शास्त्री, जय प्रकाश सिंह ने कहा कि भगत सिंह साम्राज्यवाद को अच्छी तरह से समझते थे। विशिष्ट अतिथि डा. संजय श्रीवास्तव ने कहा कि देश को नए भगत तैयार करने की जरूरत है।
विज्ञापन


तभी देश का विकास होगा। अध्यक्षता कर रहे प्रलय बहादुर यादव ने विकास की रूप रेखा प्रस्तुत की।  अजय कुमार ने भगत के जीवन पर प्रकाश डाला। इस मौके पर ओम प्रकाश मिश्र, डा. प्रमिला यादव, इंद्रजीत मौर्य, रामचंद्र यादव, किरन शंकर सिंह, राजदेव, नरेंद्र कुमार, विजय आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें