जौनपुर। जौनपुर महोत्सव में 1001 सामूहिक विवाह कराया गया था। इसमें से 4 जोड़ों का विवाह फर्जी निकला था। इसका खुलासा खुद प्रभारी मंत्री एके शर्मा ने जौनपुर कार्यक्रम के दौरान किया था। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी से सभी जोड़ों से संबंधित सूची जारी करने को कहा था लेकिन दो माह बाद भी सूची जारी नहीं हो सकी है। समाज कल्याण विभाग की तरफ से शाही किला में बीते 10 से 12 मार्च तक जौनपुर महोत्सव का आयोजन किया गया था। इसमें 12 मार्च को सामूहिक विवाह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आशीर्वाद देने पहुंचे थे। इसमें चार जोड़ों के विवाह में फर्जीवाड़ा पाया गया था। इसके बाद इनके खाते में 51 हजार की धनराशि रोककर शेष के खाते में धनराशि भेज दी गई।
ये था मामला-फर्जीवाड़े में मड़ियाहूं के भाई-बहन की शादी का मामला था। दो महीने पहले हुई बैठक प्रभारी मंत्री एके शर्मा की बैठक में डीएम ने स्वीकार किया था कि मामला उनके संज्ञान में है। अपात्र जोड़ों के खाते में धनराशि नहीं भेजी गई है। सामूहिक विवाह में सत्यापन में यह बात सामने आई थी कि शहर, मड़ियाहूं व दो अन्य ब्लाॅकों में एक-एक अपात्र जोड़ों की शादी हुई है। इसकी जांच पूर्व सीडीओ सीलम साईं तेजा कर रहे थे।
सामूहिक विवाह में चार जोड़ों की फर्जी शादी का मामला सामने आया था। उनके पैसे रोककर बाकी सभी के खाते में धनराशि भेज दी गई है। मामले में जांच अभी जारी है। जल्द ही सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। -डॉ.दिनेशचंद्र, जिलाधिकारी।