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मौसेरी बहन की हत्या में उम्रकैद

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जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने सरपतहा थाना क्षेत्र में सात वर्ष पूर्व मौसेरी बहन की हत्या मामले में दोषी को आजीवन कारावास सहित 25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अभियोजन कथानक के अनुसार, शीला निवासी शुकर्णाकला ने सरपतहा थाना में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि वह अपनी पुत्री आरती की शादी घटना के 9 वर्ष पूर्व मंजीद निवासी ग्राम टिकुरिया से की थी। उनके दो बच्चे हैं। कुछ वर्षों से दोनों के बीच अच्छे संबंध नहीं थे। आरती मायके में रह रही थी। 19 मई 2014 को आरती सोई थी। रात में किसी ने धारदार हथियार से उसका गला काटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। आरती के पति पर हत्या की आशंका थी। बाद में परिवादिनी की दूसरी लड़की अंकिता ने बताया कि मौसी का लड़का छित्तमपट्टी निवासी जियालाल घर पर आया था। उसके साथ रात में बदतमीजी कर रहा था। यह घटना आरती ने देख ली थी। उसने जियालाल को डांटा फटकारा था और मां को बताने को कहा था। बात खुलने के डर से जियालाल ने रात में ही चारपाई पर सो रही आरती की कुल्हाड़ी से गला काटकर निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। एडीजीसी अनूप शुक्ला ने कोर्ट में गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जियालाल को हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद और 25 हजार के अर्थ दंड की सजा सुनाई।
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