हजरत इमाम हसन के जन्म दिवस 15 रमजान पर जौनपुर अजादारी काउंसिल द्वारा रविवार को वक्फ शिया जामा मस्जिद नवाब बाग कसेरी बाजार में महफिल सजाई गई। आयोजन जमानिया नासिरिया इमानिया के शिक्षक मौलाना उरुज हैदर खां के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान उलेमा ने इमाम हुसैन की जिंदगी से मुसलमानों को सीख लेने की नसीहत की।
जमानिया नासिरिया इमानिया के शिक्षक मौलाना उरुज हैदर खां ने कहा कि हजरत इमाम हसन का संदेश पूरी दुनिया को सुलह, समझौते, अमन व शांति के रास्ते पर चला सकता है। इनका जन्म 15 रमजान 03हिजरी को मदिना में हुआ था। वे पैगंबर इस्लाम हजरत मोहम्मद के बड़े नवासे थे।
शिया जामा मस्जिद के मुतवल्ली व प्रबंधक अली मंजर डेजी ने कहा कि हजरत इमामा हसन ने इस्लाम की सरबुलंदी एवं मुसलमानों के सुरक्षित जीवन यापन के लिए सुलह का रास्ता अख्तियार किया। इतिहास में सुलहे हसन का बहुत महत्व है।
इमामे जुमा मौलाना महफुजुल हसन खां ने मुसलमानों को इमाम हसन की वेलादत की मुबारकबाद पेश की और उनके जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। साथ ही कौम, मुल्क व मिल्लत की खुशहाली व तरक्की के लिए दुआ कराई।
अजादारी काउंसिल एवं जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के प्रवक्ता असलम नकवी ने बताया कि हजरत इमाम हसन के जन्म दिवस के अवसर पर जिले में जौनपुर अजादारी काउंसिल कार्यालय, शेख नुरूल हसन मोमोरियल सोसासटी कार्यालय व मखदूमशाह अढ़न आदि स्थानों पर नज्र व नेयाज का आयोजन किया गया। इसके अलावा शहर के कई शिया बहुल इलाकों में भ्ाी इमाम हसन के जन्म दिवस पर महफिलों का आयोजन किया गया।