तहसील मुख्यालय पर बन रहे नए तहसील भवन निर्माण में मानक की अनदेखी कर घटिया सामग्री लगाने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने निर्माण कार्य रोक दिया।
चेतावनी दी कि मानक के मुताबिक काम नहीं किया गया तो निर्माण नहीं होने देंगे। अधिवक्ताओं के विरोध के चलते राजगीर और मजदूर वापस चले गए।
शाहगंज तहसील के नए भवन का निर्माण पांच करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। भवन की बुनियाद का निर्माण शुरू किया गया है। आरोप है कि काम पर लगे मजदूर सीमेंट और बालू के अनुपात की अनदेखी करते हुए सीमेंट का
सात गुना बालू मिलाकर मसाला बना रहे थे। इसके अलावा बुनियाद में मोरंग बालू के बजाय सफेद बालू का इस्तेमाल किया जा रहा था। तहसील बार के अध्यक्ष महंत देव यादव के साथ अखिलेश तिवारी, सूर्यमणि, वीरेंद्र सिंह,
शमीम अहमद समेत अन्य अधिवक्ता निर्माण स्थल पर पहुंच कर काम रोक दिया। मौके पर मौजूद निर्माण कार्य देख रहे प्राइवेट इंजीनियर ललित कुमार त्रिपाठी को अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि मानक के अनुरूप निर्माण कार्य नहीं होगा तो वे काम नहीं होने देंगे।