मछलीशहर। तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार और वादकारियों की समस्याओं का समाधान न होने से नाराज अधिवक्ताओं ने सोमवार से तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई बैठक के निर्णय के अनुसार 23 से 25 फरवरी तक न्यायिक कार्य पूरी तरह स्थगित रहेंगे। अधिवक्ताओं ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले छह महीने से न्यायालयों में आदेश के लिए पत्रावलियां लंबित हैं। अधिकारियों द्वारा कंडोलेंस इंडोर्स न करना, धारा 116 (बंटवारा) और धारा 24 (पैमाइश) को छोड़कर अन्य मामलों में आदेश न देना और एससी परमिशन की फाइलों का निस्तारण न होना मुख्य समस्याएं हैं। इसके अलावा, राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों द्वारा काश्तकारों के शोषण और पैमाइश रिपोर्ट में देरी को लेकर भी गहरा रोष है। अधिवक्ता संघ के महामंत्री आलोक विश्वकर्मा ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों को इस बहिष्कार की सूचना दे दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के साथ सकारात्मक वार्ता और समस्याओं का ठोस समाधान तीन दिनों के भीतर नहीं हुआ तो अधिवक्ता आगे की रणनीति तय करेंगे। सोमवार को कार्य बहिष्कार के चलते न्यायालयों में सन्नाटा रहा और दूर-दराज से आए वादकारियों को बैरंग लौटना पड़ा।