जौनपुर। एक सितंबर से जिले में जमीन की खरीद महंगी हो जाएगी। चार साल बाद प्रशासन ने जमीन के सर्किल रेट में वृद्धि की है। सभी तरह की श्रेणियों में यह वृद्धि 10 फीसदी की प्रस्तावित की गई है। कोरोना काल के कारण लोग इस बार भी रेट न बढ़ने की उम्मीद लगाए थे। मंगलवार को अंतिम तिथि तक सिर्फ एक आपत्ति आई। इसका निस्तारण एक सितंबर से नई दरें प्रभावी कर दी जाएंगी।
जमीन की खरीद-बिक्री के लिए प्रतिवर्ष प्रशासन सर्किल रेट तय करता है। यह रेट किसी क्षेत्र में वर्ष में होने वाली जमीन की खरीद-बिक्री की संख्या के आधार पर निर्धारित की जाती है। इसी रेट के आधार पर ही किसी व्यावसायिक, आवासीय या कृषि भूमि की रजिस्ट्री होती है। पिछले चार वर्षों से किसी न किसी कारण से सर्किल रेट में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। इस बार कोरोना काल के कारण मार्च से ही जमीन के सौदे में काफी गिरावट आई। ऐसे में यह माना जा रहा था कि इस बार भी सर्किल रेट में कोई खास इजाफा नहीं होगा। मगर जिला स्तरीय समिति की सहमति ने सभी श्रेणी की भूमि पर औसत दस प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित की है। नए सर्किल रेट पर मंगलवार तक आपत्तियां मांगी गई थीं, मगर इस तिथि तक सिर्फ एक व्यक्ति की ओर से ही आपत्ति दाखिल किए जाने के बाद यह लगभग तय हो चुका है कि एक सितंबर से 10 फीसदी अधिक दर से जमीन की खरीद-बिक्री की जाएगी।
कोरोना काल में शासन ने बढ़ाया लक्ष्य
सर्किल रेट भले ही जिले से तय होता है, लेकिन इससे होने वाले राजस्व का लक्ष्य शासन की ओर से आवंटित होता है। इस बार कोरोना काल के कारण वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए शासन ने सर्किल रेट से होने वाले राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य में वृद्धि की है। लिहाजा इसका बोझ भी बढ़े रेट के माध्यम से जनता पर पड़ा है। वर्ष 2019-20 में सर्किल रेट से होने वाले आय का लक्ष्य 207 करोड़ 14 लाख 99 हजार रुपया रखा गया था, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष में इस लक्ष्य को बढ़ाकर 251 करोड़ कर दिया गया है।