जौनपुर। एक सितंबर से जिले में जमीन की खरीद महंगी हो सकती है। वजह उपनिबंधन विभाग के राजस्व का लक्ष्य काफी बढ़ गया है, जबकि सर्किल रेट साल 2017 के ही हिसाब से ली जा रही है। ऐसे में सर्किल रेट को बढ़ाने की तैयारी 20 से 25 फीसद विभाग है।
जमीन की खरीद-बिक्री के लिए प्रतिवर्ष प्रशासन सर्किल रेट तय करता है। यह रेट किसी क्षेत्र में वर्ष में होने वाली जमीन की खरीद-बिक्री की संख्या के आधार पर निर्धारित की जाती है। इसी रेट के आधार पर ही किसी व्यावसायिक, आवासीय या कृषि भूमि की रजिस्ट्री होती है लेकिन साल 2017 से किसी न किसी कारण सर्किल रेट में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। इस बार उप निबंधन विभाग के अधिकारियों का माना है कि सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी होगी। सब रजिस्टार सदर संतोष कुमार सिंह कहते हैं कि जिस हिसाब से विभाग का लक्ष्य बढ़ा है और साल 2017 से सर्किल रेट नहीं बढ़ी है, उससे लगता है कि 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी होगी। इस समय ग्रामीण इलाकों में अधिकतम 9 लाख रुपये बिस्वा तक की सर्किल रेट है। शहर में अधिकतम दो करोड़ 60 हजार रुपये हेक्टेयर के हिसाब से सर्किट रेट चल रही है। वास्तव में जमीन इससे भी महंगी बिक रही है। इस कारण जमीन की खरीद-बिक्री के लिए सर्किल रेट में बड़ी बढ़ोत्तरी संभव है।
विभाग का बढ़ा लक्ष्य, नहीं बढ़ी सर्किल रेट
जौनपुर। सर्किल रेट भले ही जिले से तय होता है, लेकिन इससे होने वाले राजस्व का लक्ष्य शासन की ओर से ही आवंटित होता है। लिहाजा साल 2017 से सर्किल रेट न बढ़ने से विभाग पर दबाव बढ़ गया है और वह शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने में परेशान हो जाता है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो साल 2019-20 में सर्किल रेट से होने वाले आय का लक्ष्य 207 करोड़ 14 लाख 99 हजार रुपये रखा गया था। साल 2020-21 में 251 करोड़ कर दिया गया। इसके बाद, साल 2021-22 में 276.27 करोड़ हुआ और अब चालू वित्तीय वर्ष में शासन द्वारा 317 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है।
साल 2017 से जनपद में सर्किल रेट नहीं बढ़ाई गई है। हालांकि उम्मीद है कि इस बार सर्किल रेट बढ़ाई जा सकती है। हालांकि अभी शासन से कोई आदेश नहीं आया है। अगर शासन का इस संबंध में आदेश आया तो आगे की कार्यवाही की जाएगी। - राम प्रकाश, एडीएम