सदर तहसील के हाईवे पर सिरकोनी ब्लाक के इजरी गांव के नवीन परती की भूमि को कुछ लोगों के नाम करने और फिर आदेश को निरस्त करने के मामले की जांच शुरू होने से राजस्व विभाग के अधिकारियों की बेचैनी बढ़ गई है। उधर सीआरओ ने पौने तेईस लाख रुपये मुआवजे के एक अन्य दावे का भुगतान रोक दिया है। डीएम ने बताया कि मुआवजे से संबंधित कुछ अन्य मामले भी सामने आए जिसकी जांच शुरू करा दी गई है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार इब्राहिमपुर गांव के गाटा संख्या 98 की जमीन लालजी और रामपति की है। किंतु वर्ष 2014 में फोरलेन के लिए हुए जेएमएस (भूमि ज्वाइंट मैनेजमेंट सर्वे) में यह जमीन गांव के ही निशानाथ यादव की बताते हुए वहां उनका थ्रेशर होना दर्ज कर दिया गया। इसके चलते निशानाथ यादव के नाम 22 लाख 73 हजार रुपये मुआवजे का दावा तैयार कर दिया गया। लेखपाल की जांच में जमीन लालजी और रामपति के मिलने के बाद मामला गरमा गया।
लेखपाल की रिपोर्ट पर मुख्य राजस्व अधिकारी आशुतोष अग्निहोत्री ने इस भुगतान को रोक दिया है। चर्चा है कि इस खेल में कहीं न कहीं इजरी वाले गिरोह का भी हाथ हो सकता है।
डीएम डा. बलकार सिंह ने कहा कि सीआरओ को सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य मामले भी प्रकाश में आए हैं जिसकी जांच शुरू हो गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।