प्रदेश के पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की पहचान मिटती जा रही है। अब वे टिमटिमाते दीपक के समान नजर आने लगे हैं।
विश्व को अपनी संस्कृति से आलोकित करने वाला भारत किसी जमाने में विश्व गुरु था पर अब अमेरिका हमें तहजीब सिखा रहा है।
वह बृहस्पतिवार को प्रहलाद राय झुनझुनवाला सरस्वती विद्या मंदिर के 11वें वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
इस मौके पर मंत्री ने कहा कि जहां शिक्षा है, वहीं तरक्की है, लेकिन तरक्की पसंद लोगों के गांवों से पलायन करने के कारण समाज पिछड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधा।
कहा कि पूर्वांचल के लोगों दुश्मन को पहचानों, तभी यहां की तस्वीर बदलेगी। जो कहते हैं कि मां गंगा ने बुलाया है, जरा उनसे पूछिए कि झूठ की राजनीति कब तक चलेगी। केंद्रीय योजनाएं दम तोड़ रही हैं।
सूफी, संतों की इस धरती पर केवल कर्म पर भरोसा किया जाना चाहिए। विशिष्ट अतिथि माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री रमेश सिंह ने कहा कि दोहरी शिक्षा नीति से संस्कार एवं नैतिक गुणों का पतन हो रहा है।
अमीर और गरीब छात्रों की शिक्षा जब एक समान होगी, तभी समाज और देश की उन्नति होगी। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरधारी लाल कोली ने कहा कि विद्या भारती के शिक्षण संस्थान अनुशासन, नैतिक गुणों और संस्कारपरक
शिक्षा के लिए जाने जाते हैं। सपा के वरिष्ठ नेता प्रमोद कुमार सिंह और जिला उपाध्यक्ष नीरज पहलवान ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पार्चन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर पर्यटन मंत्री और अतिथियों के हाथों मेधावियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्योगपति दीनानाथ झुनझुनवाला ने की। संचालन प्रधानाचार्य इंद्र प्रताप
सिंह और अभिषेक यादव ने किया। विद्यालय के प्रबंधक एलडी मुनि ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। इस मौके पर नरसिंह बहादुर सिंह, सुधाकर सिंह, विजय सिंह, यशवंत विक्रम सिंह, एके सक्सेना, सत्यनारायण झुनझुनवाला, विकास सिंह आदि मौजूद रहे।