जौनपुर। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा में ऑटोमेटिक मौसम स्टेशन स्थापित हो गया। जलवायु परिवर्तन के चलते चक्रवात, ओलावृष्टि, सूखा बाढ़, गर्म मौसम लू, पाला शीतलहर, बारिश आदि की जानकारी अब आसानी से मिल सकेगी। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक पंकज जायसवाल ने बताया कि अब किसान मौसम के अनुरूप खेती कर सकेंगे। उन्हें किसी भी फसल की बुवाई, कटाई और मड़ाई से लेकर अन्य प्रबंधन कार्य करने के लिए सटीक मौसम की जानकारी मिलेगी। भारत मौसम विभाग नई दिल्ली और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के संयुक्त प्रयास से कृषि विज्ञान केंद्र में इसकी स्थापना का काम पूरा कर दिया गया है। इसकी स्थापना से कृषि प्रबंधन, कृषि लागत, संसाधनों का उपयोग, श्रमिकों की उपलब्धता, उर्वरक व रसायन सिंचाई की उपलब्धता, जल की उपलब्धता का आंकलन करने में आसानी होगी। जिले में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की जानकारी तत्काल मिल सकेगी। वायुमंडली दबाव, आद्रता[ नमी, सोलर ऊष्मा, मृदा नमी, एवं वाष्पीकरण, हवा की गति, हवा की दिशा , वर्षा की मात्रा की जानकारी भी समय से प्राप्त हो सकेगी। अनुसंधान एवं मौसम बुलेटिन में सहायक ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन के सर्दी, गर्मी और बरसात के मौसम की जानकारी का पता समय से पहले पता चल जाएगा।