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खुदीराम बोस ने अंग्रेजों के अन्याय का डटकर किया मुकाबला

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बदलापुर। आल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन ने शुक्रवार को राजा हरपाल सिंह पीजी कॉलेज के मुख्य द्वार पर आजादी आंदोलन के गैर समझौतावादी धारा के महान क्रांतिकारी अमर शहीद खुदीराम बोस की 132वीं जयंती मनाई। मौके पर माल्यार्पण कार्यक्रम और छात्रों की नुक्कड़ सभा आयोजित की गई। छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आम लोगों ने खुदीराम बोस के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
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संगठन के राज्य सचिव दिलीप कुमार ने कहा कि शहीद खुदीराम बोस मात्र 18 साल की उम्र में अपने को देश पर न्योछावर कर दिया। 11 अगस्त 1908 को हंसते हुए फांसी के फंदे को चूमकर अमर शहीद हो गए। खुदीराम बोस देश पर शोषण और जुल्म का राज चला रहे अंग्रेजों की डटकर मुखालफत की। तत्कालीन मुज़फ़्फरपुर के जुल्मी अंग्रेज जिलाधिकारी किंग्सफोर्ड को मारने की कोशिश की और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की मिसाल कायम की। आज देश अंग्रेजों से तो आजाद हो गया है, लेकिन आज भी देश शोषण और जुल्म से मुक्त नहीं हो सका। आज भी आम आदमी अपने ह़क-अधिकार से वंचित है। आज जब हम उनकी शहादत के 113 वर्षों और आजादी के 74 सालों बाद उनके सपनों का भारत यानी शोषण और जुल्म-अत्याचार से मुक्त भारत को ढूंढने की कोशिश करते हैं। लोगों ने शहीद खुदीराम बोस की जयंती पर यह संकल्प लिया कि हम यथा संभव अन्याय-अत्याचारों का डटकर विरोध करेंगे। संचालन संतोष प्रजापति ने किया। अंजली सरोज, चंदा व ऋषि तिवारी ने क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत किया। मौके पर विकास मौर्य, अंजली प्रजापति, अमित गुप्ता, वंदना आदि मौजूद रहे।
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