पायगीपुर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का सपना अब साकार होने जा रहा है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस परियोजना को स्वीकृति दी गई। यह विद्यालय राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के परिसर में पांच एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 36 करोड़ रुपये है। पिछले चार वर्षों से इस प्रस्ताव पर काम चल रहा था, जो अब जल्द ही मूर्त रूप लेने वाला है।
जून 2022 में इस परियोजना पर पहली बार चर्चा शुरू हुई थी। इसके बाद आईटीआई परिसर में भूमि चयन की प्रक्रिया आरंभ हुई। आवश्यक भूमि के चिह्नांकन के बाद, राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव के प्रयासों से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री से भूमि हस्तांतरण के लिए पत्र लिखा, जिसके बाद जिलाधिकारी को पांच एकड़ भूमि आवंटित करने की स्वीकृति मिल गई।
परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और वित्त एवं व्यय समिति (ईएफसी) से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने की तैयारियां जोरों पर हैं।
केंद्रीय विद्यालय खुलने से क्षेत्र के बच्चों को पहली से 12वीं कक्षा तक सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। विद्यालय में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल के मैदान, संगीत और अन्य सहायक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। खेल और कला के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के बच्चों के साथ-साथ स्थानीय बच्चों को भी इस विद्यालय में प्रवेश का अवसर मिलेगा।
इस विद्यालय के माध्यम से न केवल स्थानीय बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे छात्रों को अन्य शहरों में पढ़ाई के लिए जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा, यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान देगी। यह केंद्रीय विद्यालय पयागपुर और आसपास के क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जो शिक्षा और रोजगार के नए द्वार खोलेगा।