स्त्री रोग विशेषज्ञ शिखा शुक्ला ने कहा कि महिलाओं को गर्भावस्था में खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। शरीर में आयरन की कमी ना हो, इसलिए नियमित रूप से आयरन की गोली लेना ना भूलें।
किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर महिला चिकित्सक से जरूर संपर्क करें। गर्भावस्था के दौरान कम से कम तीन बार चिकित्सक से जरूर जांच कराएं। वह शुक्रवार को आदर्श विद्यापीठ परिसर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में बोल रही थीं। शिविर में 499 मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर दवाए वितरित की गईं।
बाल रोग विशेषज्ञ डा. मुकेश शुक्ल ने कहा कि जन्म लेने के तुरंत बाद बच्चे का रोना बहुत जरूरी था। यदि बच्चा पैदा होने के पांच मिनट के भीतर न रोए तो उसके खून में आक्सीजन की कमी होने लगती है।
इससे दिमाग और गुर्दा प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति में बच्चे को मिर्गी, दौरा पड़ना, मंद बुद्धि जैसे विकृतियां उत्पन्न हो जाती हैं।
इस मौके पर डा. कमलेश जायसवाल, डा. शशांक श्रीवास्तव, डा. गौरव प्रकाश, डा. वीरेंद्र कुमार, डा. तूलिका मौर्या, डा. पवन चौरसिया ने शिविर में आए लोगों का स्वास्थ्य का परीक्षण कर दवा वितरित किया। शिविर के आयोजन में प्रवीण तिवारी और धीरज शुक्ल ने सहयोग किया।