मछलीशहर। तहसील में आयोजित सम्मान समारोह में शुक्रवार को जॉइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ को सम्मानित किया गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि जॉइंट मजिस्ट्रेट ने नेत्रहीन पिता द्वारा पुत्र के पक्ष में लिखे गए दान पत्र को खारिज कर न्याय की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लिया था। ग्राम कटाहितखास गांव निवासी रामधनी बिंद को दोनों आंखों से बिल्कुल दिखाई नहीं पड़ता है। उनके दो लड़के रमाकांत और शशिकांत हैं और एक अविवाहित पुत्री माधुरी है। नेत्रहीन रामधनी ने अपने लड़के के पक्ष में 9 नवंबर 2023 को दान पत्र लिखा था। अपने हक में दान पत्र होते ही बेटे ने पिता को न सिर्फ भरण पोषण देना बंद कर दिया, बल्कि घर से भी निकाल बाहर किया। वादे के अनुरूप अपनी छोटी बहन की शादी करने से भी इन्कार कर दिया। इससे व्यथित रामधनी ने अपने पुत्र के खिलाफ जॉइंट मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। सुनवाई के दौरान जॉइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ ने दान पत्र खारिज कर दिया। साथ ही दान पत्र के आधार पर कब्जा की गई भूमि को भी वापस किए जाने का आदेश दिया। इस निर्णय पर शुक्रवार को सुलह समझौता अधिकारी ललित मोहन तिवारी और अधिवक्ता विनय प्रिय पांडेय ने स्मृति चिह्न एवं सम्मान पत्र देकर जॉइंट मजिस्ट्रेट सम्मानित किया। कार्यवाहक अध्यक्ष संजीव चौधरी, महामंत्री नंदलाल यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश चंद्र सिन्हा, केदार नाथ यादव, अशोक श्रीवास्तव, आरपी सिंह, वेद प्रकाश श्रीवास्तव आदि ने माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में तहसीलदार रवि रंजन कश्यप मौजूद रहे। अध्यक्षता संजीव चौधरी और संचालन दिनेश चंद्र सिन्हा व विनय प्रिय पांडेय ने किया। संवाद