10- गंगा पट्टी वार्ड में आबादी के बीच जमा पानी व कूड़ा।
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जौनपुर। सीमा विस्तार करते हुए आसपास के कई गांवों को शहर में तो शामिल कर लिया गया, लेकिन ढाई वर्ष बाद भी इन गांवों के शहर के काबिल नहीं बनाया जा सका है। इन वार्डों में अभी भी गांव जैसी सुविधा ही मौजूद है। न तो पानी निकासी की व्यवस्था हो पाई है और न ही शुद्ध पेयजल का इंतजाम। वार्डों के कई मोहल्लों में लोग कच्चे रास्तों से ही आवागमन को विवश हैं। लोगों ने कई बार सभासद व ईओ से गुहार लगाए, लेकिन कुछ नहीं हुुआ।
देवचंदपुर, सैदनपुर, मीरपुर, चांदपुर, गंगापट्टी, डेरायुसुफ, हरदीपुर, कलीचाबाद वार्ड को भले ही शहर में शामिल किया गया हो, लेकिन इन वार्डो में अभी भी गांव जैसी सुविधा उपलब्ध है, जब इन वार्डो को शहर में शामिल किया गया था, तब इन वार्ड के लोगों के खुशी का ठीकाना नहीं रहा, लेकिन उनकी खुशियां धीरे-धीरे काफूर होने लगी। कारण ढ़ाई साल बीत जाने के बाद भी अभी तक इन वार्डो में शहर जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है। हालत यह है कि इन वार्डो में इंटर लाकिंग व सड़क नहीं बनाया गया है। कच्चे रास्ते व क्षतिग्रस्त मार्गो के सहारे लोग आवागमन कर रहे हैं। पानी निकासी की सुविधा नहीं होने से बारिश व नालियों का गंदा पानी वार्डो में ही फैल रहा है। पेयजल कनेंक्शन नहीं हो पाए हैं। पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं लग पाई है। जिससे अंधेरे में लोग रात गुजारने को विवश हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सैदनपुर वार्ड में अशोक के घर से सोहन माली के घर तक मार्ग कच्चा है। पानी निकासी की सुविधा नही होने से बरसात और नालियों का गंदा पानी उक्त कच्चे रास्ते फैला हुआ है। वहीं गंगापट्टी वार्ड के किशुनपुर मोहल्ले में पानी निकासी की सुविधा नहीं है। जिससे आबादी के बीच खाली स्थान पर जल भराव हो गया है। वहीं कूड़ा भी लगा हुआ है।