फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaunpur News: दिनभर जाम की जद में जेसीज चौराहा, 10 मिनट की दूरी 40 मिनट में होती पूरी

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। शहर के मुख्य मार्ग जेसीज चौराहा पर रोज वाहनों की कतार लग जाती है। इस आधा किमी क्षेत्र से 10 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। यातायात पुलिस की ड्यूटी होने के बावजूद राहगीरों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। जाम लगने का मुख्य कारण यहां रोडवेज व निजी बसें खड़ी कर चालक वाहन में सवारी भरते हैं। मंगलवार को भी यहां भीषण जाम लगने से लोग परेशान हुए।
विज्ञापन


शहर के मुख्य मार्ग जेसीज चौराहा से पूर्व की ओर से आजमगढ़, गोरखपुर, केराकत, शाहगंज जबकि पश्चिमी की ओर से जलालपुर, वाराणसी, बाबतपुर, बदलापुर, सुल्तानपुर, लखनऊ, दिल्ली तक वाहनों का आवागम होता है। जिम्मेदारों के सुस्ती से यहां प्रतिदिन सुबह से लेकर शाम तक रोडवेज बसों, निजी बसों व डग्गामार वाहनों के चालक वाहन खड़ा कर सवारी का इंतजार करते है। इससे यहां हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। इसी मार्ग से होकर लोग जिला अस्पताल, दीवानी कचहरी, कलेक्ट्ररी कचहरी, रोडवेज डिपो मार्ग तक जाते हैं। इसके अलावा बड़े कॉलेज, कोचिंग सेंटर, इसी मार्ग पर होने से शिक्षकों समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का आवागमन होता है। कभी-कभी जाम इतना लंबा हो जाता है कि लोग घंटों परेशान होते हैं। वाहन सवारों को छोड़े तो जाम के झाम के चलते पैदल चलने वालों को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। जेसीज चौराहा पर अगर जाम नहीं है तो वहां से जिला चिकित्सालय की तीन किमी की दूरी 15 मिनट में पूरी हो जाती है। जाम में फंसे तो यही दूर तय करने में 40 मिनट से अधिक लग जाता है। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
राहगीर दिनेश कुमार यादव, विनोद सिंह, अभय सिंह, रविंद्र तिवारी आदि लोगों ने बताया कि मुख्य मार्ग जेसीज चौराहा पर आए दिन जाम लगने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने इस समस्या से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन से मांग की है।
विज्ञापन

मुख्य मार्ग जेसीज चौराहा पर वाहन चालकों को सवारी भरने के लिए मना किया गया है। ऐसे वाहनों के खिलाफ कई बार चालान भी किया गया है। इसके बावजूद चालक वाहन खड़ाकर सवारी का इंतजार करते हैं। अब ऐसे वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


-सत्येन्द्र कुमार सिंह, एआरटीओ (प्रवर्तन)।
जाम लगने के ये हैं प्रमुख कारण :-
- प्राइवेट और रोडवेज बसों के अलावा ऑटो रिक्शा चौराहे पर वाहन खड़े कर भरते हैं सवारियां।
- ट्रैफिक संचालन के लिए कभी-कभार ही यातायात पुलिस सक्रिय दिखती है
- वाहन चालकों द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करना।
- सड़क की पटरियों पर ठेले-खोमचे और मोची वालों का अतिक्रमण।
- ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल का नहीं लगना।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें