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छात्र की मौत मामले की जेडी और डीआईओएएस ने की जांच

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रामरूप सर्वोदय इंटर कालेज भवनाथपुर में प्रायोगिक परीक्षा के दौरान रविवार को पिटाई से एक छात्र की मौत मामले की जांच करने सोमवार को जेडी वाराणसी मंडल प्रदीप कुमार सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर राज कुमार पंडित पहुंचे। उन्होंने घटना से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज देखी। दोनों कॉलेजों के प्रधानाचार्यों से घटना की विस्तृत जानकारी ली।
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रामरूप सर्वोदय इंटर कालेज में रविवार को भौतिक विज्ञान की प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान फाइल देखने को लेकर छात्रों में हुए विवाद के बाद पिटाई से 12वीं के छात्र मिथिलेश यादव (18) की मौत हो गई थी। घटना की जांच के लिए सोमवार को जेडी वाराणसी मंडल और जिला विद्यालय निरीक्षक सबसे पहले बयालसी इंटर कालेज गए थे। प्रधानाचार्य डा. शैलेंद्र कुमार सिंह से घटना की जानकारी ली। इसके बाद उन्हें साथ लेकर रामरूप सर्वोदय इंटर कालेज भवनाथपुर पहुंचे। यहां घटना से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज देखी और कार्यालय में बैठकर शिक्षकों से घटना की पूरी जानकारी ली। जांच के बाद जेडी और डीआईओएस दोनों विद्यालयों के प्रधानाचार्य और शिक्षकों के साथ मृतक के घर नेवादा भक्ता गए। जहां हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया।
प्रधानाचार्य का कहना है कि घटना अचानक हुई। जब तक कोई कुछ समझ पाते हमलावर घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। सूचना के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। सोमवार को जेडी के साथ मैं भी छात्र के घर पहुंच कर परिवार के लोगों को सांत्वना दिया। - राजकुमार कुमार पंडित, डीआईओएस जौनपुर
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गम और गुस्से के बीच रात में ही छात्र का हुआ अंतिम संस्कार
प्रायोगिक परीक्षा के दौरान पिटाई से जान गंवाने वाले 12वीं के छात्र मिथिलेश यादव का शव रविवार की रात 11:30 बजे पहुंचा तो चीख पुकार मच गई। परिजनों ने गम और गुस्से के बीच रात में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मौके पर कई थानों की फोर्स तैनात रही।
रविवार को मिथिलेश की मौत की खबर सुनने के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया था। बेटे की मौत की खबर सुनकर मां ऊषा यादव का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। वाराणसी से पोस्टमार्टम के बाद मिथिलेश का शव रात 11:30 बजे उसके घर नेवादा भक्ता लाया गया था। जहां छात्र के अंतिम दर्शन को लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। छात्र के दाह संस्कार के लिए दरवाजे से ले जाते समय लोग अचानक रुक गए। इस पर कोई बवाल की आशंका में वहां मौजूद क्षेत्राधिकारी शुभम तोदी व इंस्पेक्टर जलालपुर विजय शंकर सिंह के माथे पर पसीना आने लगा। हालांकि समय रहते जिम्मेदारों ने स्थिति संभाल लिया। दरअसल, परिजनों में इस बात को लेकर नाराजगी थी कि मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। आरोपियों पर हत्या जैसी गंभीर धाराओं को न लगाते हुए गैर इरादतन हत्या की धारा लगाई गई है। इस पर क्षेत्राधिकारी ने भीड़ में जाकर लोगों को समझाया कि आप की तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा पंजीकृत है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इसके बाद भीड़ शांत हुई।
हत्या का मुकदमा दर्ज, तीन छात्र गिरफ्तार
कल तक गैर इरादतन हत्या मानने वाली पुलिस मृतक के पिता की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। साथ ही तीन नामजद 6 आरोपियों में तीन छात्रों की गिरफ्तारी भी दिखा दी है।
पिता बोले, फरार आरोपियों के घर चलाया जाए बुलडोजर
पिटाई से हुई मिथिलेश की मौत के बाद से उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक के पिता उपेंद्र यादव का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए मुख्यमंत्री से यह मांग कर रहे हैं कि उनके निर्दोष बेटे के हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही मामले में फरार चल रहे आरोपियों के घर बुलडोर चलाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। साथ ही कहा कि मेरा बेटा मेडिकल क्षेत्र में जाना चाहता था, वह कभी घर से बाहर दूर खेलने तक नहीं जाता था, सिर्फ पढ़ाई में लगा रहता है।
फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष के व्यवहार और लापरवाही की किसी ने शिकायत नहीं की है, यदि प्रधानाचार्य या कोई शिकायत करता है तो उसकी भी जांच कराई जाएगी। - डा. संजय कुमार, एएसपी सिटी
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