धर्मांतरण के खेल में गीता के अलावा उसकी बेटी रंजना कुमारी भी शामिल है। वह पिछले दो साल से एक डायरी बना रही है। यह डायरी धर्मांतरण के लिए काफी चर्चा में रहे भूलनडीह निवासी दुर्गा यादव और प्रीति के बनाए गए यूट्यूब वीडियो और ऑनलाइन चलने वाली प्रार्थना सभाओं को सुनकर थी। इसके बाद चंगाई को लेकर प्रार्थना कराती थी। फिलहाल, पुलिस ने रंजना को भी गिरफ्तार कर लिया है।
एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव के मुताबिक पुलिस ने छापा के दौरान गीता देवी की बेटी रंजना कुमारी के पास से दो बाइबिल की किताब बरामद की गई। इसके अलावा आरोपी युवती के पास से चार रजिस्टर भी मिला है, जिस पर ईसाई धर्म के बारे में लेख लिखा हुआ है, एक भजन संग्रह ईसाई धर्म से संबंधित है।
पूछताछ में यह बात सामने आई कि वह यूट्यूब पर वीडियो देखने के बाद उसे नोट करते हुए रजिस्टर पर डायरी बनाती थी और उसी की मदद से चंगाई और धर्मांतरण के लिए प्रार्थना सभा कराती थी। पुलिस ने रंजना के पास से एक मोबाइल और टैब भी बरामद किया है, जिसके गैलरी स्टोरेज में ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार व धर्म परिवर्तन संबंधित सामग्री मिले हैं।
धर्मांतरण की खेल में परिवार समेत शामिल सरकी निवासी गीता देवी भी गिरफ्तार कर ली गई है, जो खुद को आशा भी बता देती थी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक की कहानी बताती थी।
एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव के मुताबिक गीता देवी के पास से एक बड़ी फोटो फ्रेम, एक छोटी फोटो फ्रेम ईसा मसीह की मिली है। साथ ही एक बाइबिल और एक पुस्तक (लाल कवर जिसके ऊपर भोजपुरी और हिंदी मसीही भजन माला चर्च विधियों के साथ अंकित है)।
इसके अलावा एक एड्राइड मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। जिसके गैलरी स्टोरेज में ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार व धर्म परिवर्तन संबंधित फोटो व चैटिंग वीडियो आदि मौजूद है। यह वही गीता देवी है, जिसने अमर उजाला की स्टिंग ऑपरेशन में बातचीत में बताया की वह भी धर्म परिवर्तन कर चुकी है। अपनी विश्वास दिलाने के लिए किन्नर के रूप में जन्में दो नवजात को लड़की के रुप में परमेश्वर की कृपा से बनाने की बात कह रही थी।
यही नहीं, अपने पति राम अवध को लेकर भी दावा कर रही थी कि वह काफी शराब का सेवन करते थे, जिसे लेकर वर परेशान रहती थी, लेकिन धर्म परिवर्तन के बाद वह सब छूट गया। यही नहीं, इसी तरह की कई ऐसे झूठ बताते हुए लड़का पैदा कराने का भी भरोसा दिलाते हुए कहानियां सुना रही थी।
फिलहाल, पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। उधर, खुद को आशा बताने वाली गीता देवी पुलिस की जांच में सरकी की आंगनबाड़ी सहायिका बता रही है। फिलहाल, प्रशासन की शक्ति को देखते हुए अब यह तय हो गया है कि उसे अपने नौकरी से भी हाथ धोना पड़ जाएगा।
कोई भी कर्मचारी इस तरह का प्रचार नहीं कर सकता है। जांच करा ली जा रही है। यदि गीता देवी सच में आंगनबाड़ी सहायिका या कार्यकर्ता हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. दिनेश चंद्र, डीएम