रासमंडल स्थित गुरूद्वारा कइी फोटो।
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव का 551वां प्रकाश पर्व सादगी के साथ मनाया जाएगा। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस बार सामूहिक कार्यक्रम को सीमित किया गया है। पंज प्यारे की शोभायात्रा के लिए प्रशासन से अनुमति अभी नहीं मिली है। लिहाजा इस बार इसे स्थगित रखा गया है। आयोजन समिति के लोग गुरुवाणी के पाठ और शबद-कीर्तन में 20 नवंबर से ही जुटे हैं।
नगर के रासमंडल स्थित गुरुद्वार में गुरुनानक देव का प्रकाश पर्व प्रतिवर्ष भव्यता के साथ मनाया जाता है। शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी सिख बंधु हिस्सा लेते हैं। दस दिन पहले से ही इसकी तैयारी शुरू हो जाती है। इस बार भी शबद-कीर्तन को 20 नवंबर से ही शुरू कर दिया गया है। गुरुद्वारों को फूल माला और झालर से सजाया गया है। 30 नवंबर को पूर्णिमा पर गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ के साथ इसका समापन होगा। अंतिम दिन होने वाले मुख्य आयोजन की भव्यता पर अभी भी ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई है, लेकिन अब तक यह तय नहीं हुआ है कि कार्यक्रम का स्वरूप क्या होगा। फिलहाल रोजाना सुबह साढ़े छह बजे से रात आठ बजे तक गुरुवाणी और शबद-कीर्तन नियमित चल रहा है। सीमित संख्या में लोग इसमें शामिल हो रहे हैं। रोजाना सफाई व सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है।
कोविड संक्रमण को देखते हुए प्रकाश पर्व पर होने वाले कार्यक्रम को सीमित कर दिया गया है। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर जैसे बचाव अपनाकर गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन चल रहा है। कार्यक्रम में काफी कम संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। 30 नवंबर को गुरुग्रंथ साहब के पाठ के बाद कार्यक्रम का समापन होगा। प्रशासन से अनुमति न मिलने के कारण शोभायात्रा को स्थगित किया गया है। -सरदार मनमोहन सिंह, अध्यक्ष गुरुसेवक जत्था जौनपुर।