जौनपुर। तीन लाख आबादी वाले शहर में पार्किंग की मुकम्मल सुविधाएं नहीं है। मात्र एक स्थान पर पार्किंग बनाया गया है। जिसके कारण रोज शहर जाम में जकड़ा रहता है। हालत यह है कि रात में 60 फीट दिखने वाली सड़क, दिन में 30 फीट में सिमटी रहती है। जाम में फंस कर लोग हांफते रहते हैं। लोगों का घंटो का समय नुकसान होता है। वहीं लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं।
शहर में लगभग 200 से अधिक होटल, लाज व मैरिज लान हैं। वहीं 50 से अधिक अस्पताल हैं। इनके अलावा बड़े व छोटे दुकान हैं, लेकिन बदलापुर पड़ाव को छोड़ कर शेष कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। जबकि शहर के भीड़ भाड़ वाले इलाकों में ओलंदगंज, कलेक्ट्रेट, दीवानी, कोतवाली, जेसीज, मछलीशहर पड़ाव, मल्हनी पड़ाव, मड़ियाहूं पड़ाव आदि शुमार है, लेकिन इन इलाकों में एक भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, जबकि इन इलाकों में ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग आकर सामानों की खरीददारी करते हैं, लेकिन पार्किंग नहीं होने से वे अपने वाहनों को दुकानों, होटलों व अस्पतालों के सामने पटरियों पर ही खड़ा कर देते हैं। जिससे जाम लग जाता है। लोग जाम में फंसने के कारण आवश्यक काम समय से नहीं कर पाते हैं। वहीं घंटो जाम में फंसने के कारण परेशानी का भी सामना करना पड़ता है। लेकिन इसकी कोई सुधी जिम्मेदारों को नहीं है।