शाहगंज क्षेत्र के भरौली गांव में युवक व उसके पिता को गोली लगने रोते बिलखते परिवार के लोग।
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शाहगंज। भरौली गांव में शनिवार को हुई हत्या के पीछे गांव में वर्षों से चली आ रही दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई बताई जा रही है। दूसरे का विवाद निपटाने के चक्कर में दोनों आपस में भिड़ गए, जिसकी परिणामस्वरूप गांव की मिट्टी रक्तरंजित हो गई।
गांव में दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई है। दोनों मुंबई में ट्रेवेल्स का कारोबार करते हैं। एक गुट ने आर्थिक मजबूती के चलते गांव में भी वर्चस्व कायम कर रखा है। दूसरा गुट दबंगई के बल पर अपना दबदबा बनाना चाहता है। गांव में कोई भी छोटा या बड़ा विवाद हो दोनों किसी न किसी पक्ष से खड़े हो जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले ही शमशाद कुरैशी का भाई से विवाद हुआ था। मामला थाने तक पहुंचा, मगर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद तारिक ने हस्तक्षेप किया और एक पक्ष को बुलाकर धमकाया। वह गुट इश्तियाक की शरण में चला गया। इश्तियाक अपने बेटे ओसामा के साथ पूछताछ के लिए बड़ी मस्जिद की ओर आया, जहां उसकी मुलाकात तारिक व उसके परिवार के अन्य लोगों से हुई। यहां कहासुनी और गालीगलौज होने लगा। बात आगे बढ़ी तो तारिक ने पिस्टल निकालकर गोली चला दी। इसमें पुत्र ओसामा की जान चली गई और इश्तियाक गंभीर रुप से जख्मी होकर अस्पताल में जीवन-मौत से जूझ रहा है। बताते हैं कि हत्यारोपी तारिक आठ वर्ष पूर्व ननिहाल रफीपुर में हुए जिला पंचायत सदस्य पति राम स्वारथ राजभर व उसके साथी की हत्या के मामले में भी आरोपी है और वह जमानत पर चल रहा है। बताते हैं कि तारिक की मुंबई में भी असलहा कारोबार में संलिप्तता रही है, जिसमें वह जेल जा चुका है।
दबिश के दौरान पीछे से युवक फरार
हत्यारोपी तारिक के घर दबिश देने पहुंची पुलिस ने गांव के प्रधान जियाउद्दीन से उसके घर के बाबत जानकारी ली। प्रधान के आनाकानी करने और घर बताने में हीलाहवाली पर पुलिस ने प्रधान को भी हिरासत में ले लिया। आरोपी तारिक के घर दबिश देने के लिए पुलिस घर में दाखिल हुई। इस बीच घर में रहा एक युवक पुलिस को चकमा देकर पीछे के रास्ते से भागने में सफल हो गया। पुलिस ने घर की दो महिलाओं को भी हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।