कृषि भवन लाईव सुबह 10.10 बजे तक जिला कृषि अधिकारी रहे नदारद।
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जौनपुर। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार विधेयक पास करने में लगी है लेकिन अफसर सरकार की कवायदों के प्रति बेपरवाह हैं। रोजाना दूर-दराज से समस्याएं लेकर कृषि विभाग आने वाले अधिकांश किसानों को बिना समाधान हुए ही मायूस लौटना पड़ रहा है। दफ्तर में समय से अधिकारी-कर्मचारी मिलते ही नहीं हैं।
शनिवार को कृषि भवन में स्थित विभागीय कार्यालयों का ऐसा ही हाल दिखा। यहां साढ़े दस बजे तक भी जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी नहीं पहुंचे थे। उप निदेशक कृषि ने खुद को मेडिकल अवकाश पर होना बताया। विभाग में इन दिनों सबसे अधिक शिकायतें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़ी आ रही हैं। किसी को खाता जोड़वाना है तो किसी को त्रुटियां दूर करानी है। समस्या का समाधान तब हो जब अधिकारी-कर्मचारी समय से दफ्तर में मिल जाएं। कई किसान तो ऐसे हैं, जिन्हें लगातार दौड़ लगानी पड़ रही है।
दफ्तर आने का समय साढ़े नौ बजे है। सुबह 10:08 बजे भूमि संरक्षण अधिकारी शशिकेष सिंह का कार्यालय बंद था। वह दफ्तर नहीं पहुंचे थे, जबकि उनके कार्यालय में एक कर्मचारी अखबार पढ़ रहा था। दस बजे उप कृषि निदेशक कार्यालय के कई कर्मचारी बैठे काम निपटा रहे थे। जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार चौबे का कार्यालय तो साढ़े नौ बजे खुल गया था, लेकिन वे 10 बजकर 10 मिनट तक दफ्तर नहीं आए थे। सुबह 10:12 बजे जिला कृषि रक्षा अधिकारी दफ्तर में कोई कर्मचारी नहीं था। एक भी कर्मचारी साढ़े 10 बजे तक दफ्तर नहीं पहुंचा। आजकल फसलों में कीड़े लग रहे हैं और सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण यही दफ्तर है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार राय का दफ्तर समय से खुल गया था लेकिन वे सवा दस बजे तक वे दफ्तर नहीं पहुंच पाए थे।