मौनी अमावस्या के मौके पर हनुमान घाट पर स्नान के बाद सूर्य को हाथ जोड़कर प्रणाम करते श्रद्धालु। सं
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जौनपुर। मौनी अमावस्या पर बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं ने नदी-तालाबों में आस्था की डुबकी लगाई। ब्रह्म मुहूर्त में ही स्नान के बाद नदी और तालाब के घाटों पर अन्न-धन का दान किया। सूर्य को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में भी दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
माघ मास की अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। मौन रखते हुए स्नान की परंपरा रही है। लिहाजा एक दिन पहले ही बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान के लिए प्रयागराज और वाराणसी रवाना हो गए थे। किन्हीं कारणों से जो लोग वहां नहीं पहुंच सके, उन्होंने जिले में विभिन्न नदियों में स्नान किया। शहर में गोमती तट पर निर्मित हनुमान घाट, गोपी घाट, गुलरघाट आदि पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इसके अलावा राजेपुर त्रिमुहानी घाट पर सई-गोमती संगम में भी श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। गोमती के ही पिलकिछा सहित अन्य घाटों और पोखरों में लोग स्नान-ध्यान में तल्लीन रहे। स्नान के बाद मंदिर में पहुंचकर पूजन किया। अन्न-धन का दान देकर परिवार के मंगल की कामना की। जय गुरुदेव संगत खुटहन व सुइथाकला के श्रद्धालुओं ने पिलकिछा नदी घाट पर स्नानार्थियों को लंगर चलाकर प्रसाद वितरित किया। सेवादार जटाशंकर तिवारी ने लोगों को शाकाहारी नशामुक्ति के साथ चरित्रवान रहते हुए जयगुरुदेव नाम का जाप किया। इस मौके पर महेंद्र प्रताप प्रजापति, बाबूराम प्रजापति, गिरीश चंद गिरी, डॉ. शिवनाथ मिश्र, डॉ. अवधेश मिश्र, गंगा सागर शुक्ल, अनिल तिवारी, अवनीश तिवारी, राकेश मिश्र, सत्यप्रकाश तिवारी, अभिषेक मिश्र, रामअचल, राजू मिश्र, कन्हैया तिवारी, रोहित दुबे आदि मौजूद रहे।