जौनपुर। हाईकोर्ट के आदेश पर शुक्रवार से न्यायालय तो खुला, मगर कोई सुनवाई नहीं हो सकी। लॉकडाउन के दौरान पांच अधिवक्ताओं व एक पूर्व न्यायमूर्ति के निधन के शोक में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। कोरोना संकट को देखते हुए न्यायालय खोलने पर अधिवक्ताओं ने असंतोष जताया है। उनका कहना है कि कोरोना संक्रमित मिला एक जमाती कोर्ट परिसर तक आया था, जिस कारण यह कंटेनमेंट जोन में आता है। ऐसे में यहां न्यायालय खोला जाना उचित नहीं है।
लॉकडाउन के कारण हाईकोर्ट के निर्देश पर न्यायालय को भी बंद कर दिया गया था। अब ग्रीन व ऑरेंज जोन के अंतर्गत कंटेनमेंट जोन के बाहर वाले न्यायालयों को शुरू करने का निर्देश हुआ है। डीएम की रिपोर्ट के बाद जिला जज ने शुक्रवार से न्यायालय खोलने का आदेश जारी किया था। तय समय पर न्यायालय तो खुले, लेकिन अधिवक्ताओं की उपस्थिति कम रही। अधिवक्ता संघ ने कोरोना संकट को देखते हुए न्यायालयों को अभी बंद रखने की मांग की है। उनका कहना है कि जनपद में अभी भी चार कोरोना पॉजीटिव हैं। जिला ऑरेंज जोन में है, जिससे संक्रमण का खतरा बरकरार है।