जौनपुर। नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी के विरोध में संभावित प्रदर्शन को देखते हुए शुक्रवार को जिले में इंटरनेट सेवा बाधित रही। भदोही और इलाहाबाद की सीमा से सटे इलाकों में रात से ही बीएसएनएल समेत सभी कंपनियों ने इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। मोबाइल नेटवर्क को लेकर भी लोग पूरे दिन परेशान रहे। एक-दूसरे से संपर्क साधने में काफी मशक्कत हुई।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में हिंसक प्रदर्शन के बाद सरकार ने ऐहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगा दी थी। मछलीशहर, सिकरारा, मीरगंज, बरईपार, रामपुर, बरसठी, मड़ियाहूं क्षेत्रों में उपभोक्ताओं के मोबाइल पर रात से ही सरकार के निर्देशानुसार इंटरनेट सेवा बंद होने का मैसेज आने लगा था। सुबह होते-होते पूरी तरह व्यवस्था ठप थी। कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट चालू भी था तो स्पीड टू-जी की तरह थी। सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए लोग मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते रहे, मगर नेटवर्क की समस्या इसमें भी बनी रही। वोडाफोन, बीएसएनएल, रिलायंस और एयरटेल के तमाम उपभोक्ताओं के मोबाइल नॉट रिचेबल रहे। इससे उनके शुभचिंतक तरह-तरह की आशंकाओं से घिरे रहे। सिकरारा बाजार के फल व्यापारी पंकज सोनर, सुजियामऊ के सब्जी के पौधे बेचने वाले भानू मौर्य, प्रिटिंग प्रेस संचालक पवन मौर्य, शेरवा के बबलू सिंह, कपड़ा व्यापारी संजय यादव आदि ने बताया कि इंटरनेट न चलने से काफी दुश्वारी रही। पेटीएम से भुगतान, गूगल सर्च से जानकारी व अन्य माध्यमों से संपर्क साधने में परेशानी उठानी पड़ी।
परेशान रहे टीईटी अभ्यर्थी
इंटरनेट सेवा बाधित रहने से उन अभ्यर्थियों को भी खासी परेशानी हुई, जिन्हें 22 दिसंबर को यूपी टीईटी की परीक्षा देनी है। परीक्षा के लिए वेबसाइट से प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए वह यहां-वहां भटकते रहे। तमाम कोशिशों के बाद भी उन्हें सफलता नहीं मिली। दो दिन बाद होने वाली परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र के अभाव में उन्हें न तो केंद्र का पता चल पाया था और न ही परीक्षा की टाइमिंग सहित अन्य जानकारी।