जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव के बारे में हाईकोर्ट ने दो हफ्ते में कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इसके लिए छात्र नेताओं ने विवि के अधिकारियों को कई बार प्रत्यावेदन दिया, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन टाल मटोल करता रहा। जिस पर छात्र नेता उद्देश्य सिंह व प्रिंस त्रिपाठी और चार अन्य छात्रों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिस पर बृहस्पतिवार को न्यायालय ने विश्वविद्यालय की कुलपति को छात्र संघ चुनाव पर दो सप्ताह के भीतर नियमानुसार कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। सूत्रों के मुताबिक कोर्ट के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय के अधिकारी चुनाव कराने की तैयारी में जुट गए हैं।
छात्रों ने लिंगदोह कमेटी की संस्तुतियों तथा उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश 15 जनवरी 2016 के तहत विश्वविद्यालय परिसर एवं महाविद्यालयों में छात्रसंघ का चुनाव कराने की मांग की है। छात्र नेता उद्देश्य सिंह ने बताया जब भी चुनाव कराने की मांग की जाती थी विश्वविद्यालय प्रशासन हीलाहवाली करता था। छात्र संघ चुनाव छात्रों का मौलिक अधिकार है और हम इसे प्राप्त करके रहेंगे। छात्रों के हित की लड़ाई लड़ने के लिए छात्रसंघ अत्यंत आवश्यक है। विश्वविद्यालय प्रशासन लिंगदोह समिति की सिफारिशों व उच्च शिक्षा विभाग के आदेशों को दरकिनार करते हुए उपमन्यु छात्र परिषद के गठन करने पर विचार कर रहा था। जो नियमों के विरुद्ध था। जिसका हमने विरोध जताया था। विश्वविद्यालय प्रशासन नहीं चाहता है कि छात्र अपने अधिकारों की लड़ाई लड़े। न्यायालय जाने वाले छात्रों में उद्देश्य सिंह, प्रिंस त्रिपाठी, सुमित सिंह, पवन सोनकर, विशाल चौरसिया, आशीष मौर्य शामिल रहे।
विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने संबंधी किसी तरह की जानकारी नहीं है। न्यायालय का जो भी आदेश होगा उसका पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। -महेंद्र कुमार, कुलसचिव पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर