जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सोमवार कोकलक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना को परवान चढ़ान के लिए जिला स्तरीय समिति की बैठक की, जिसमें पिछले वित्तीय वर्ष के कार्यों के सापेक्ष अवशेष लाभार्थियों की सूची का अनुमोदन किया गया। साथ ही चालू वित्तीय वर्ष के लिए निजी भूमि पर तालाब निर्माण, वृहद आरएस, बायो फ्लॉक, जिंदा मछली विक्रय केंद्र, कियोस्क मोटर साइकिल विथ आईस बाक्स व थ्री व्हीलर विथ आईस वाक्स के योजना के लाभार्थियों का भी अनुमोदन किया गया।
डीएम ने कहा कि इन लाभार्थियों के अनुमोदन के अतिरिक्त मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड, मछुआ दुर्घटना बीमा तथा मनरेगा की ओर से विकसित तालाबों में मत्स्य पालन कराने पर चर्चा किया। उन्होंने निर्देश दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन एकत्र करने के लिए लेखपाल,सचिव, रोजगार सेवक व कृषि विभाग के एटीएम व बीटीएम को भी लक्ष्य आवंटित किया जाए, जिससे तेजी से आवेदन बैंको को भेजा जा सके। किसी दुर्घटना में बीमा धारक की मृत्यु हो जाने पर पाँच लाख का बीमा भुगतान मृतक के आश्रितों को बीमा कंपनी की ओर से क्लेम के रूप में किया जाता है, जिसमें लाभार्थी को कोई भी प्रिमियम नहीं देना है। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अनिल कुमार सिन्हा को केसीसी आवेदनों का निस्तारण समय से करने और इस माह के तृतीय सप्ताह में प्रगति की समीक्षा में लिये रिपोर्ट प्रस्तुत करने और मत्स्य विभाग कोमत्स्य व्यवसाय से जुड़े 10 हजार व्यक्तियों का नि:शुल्क बीमा कराने का निर्देश दिया। योजनाओं का प्रस्तुतिकरण उप निदेशक मत्स्य वाराणसी मंडल एनएस रहमानी द्वारा किया गया। बैठक में जिला कृषि अधिकारी केक सिंह, कृषि वैज्ञानिक डा. सुरेंद्र प्रताप सोनकर, उपायुक्त मनरेगा भुपेन्द्र कुमार सिंह, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई विभाग विपिन कुमार, कार्यकारी अधिकारी मत्स्य बलबीर सिंह आदि उपस्थिति रहे।