धर्मापुर। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शनिवार को धर्मापुर ब्लाक सभागार में मौजूद जर्जर भवनों और कस्तूरबा विद्यालय की छतों को बारिश से पहले 15 जून तक पूरा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही ग्रामीणों ने सीएचसी चोरसंड दूर होने की शिकायत की, जिस पर उन्होंने बीडीओ सहित स्वास्थ्य विभाग के लोगों को प्रस्ताव बनाकर शीघ्र भेजने का निर्देश दिया। वे शनिवार को धर्मापुर ब्लाक सहित राजकीय कृषि बीज भंडार, पीएचसी और कस्तूरबा विद्यालय का औचक जांच करते हुए यह दिशा निर्देश दिया। निरीक्षण के बाद डीएम और ब्लॉक प्रमुख विमलेश यादव ने संयुक्त रूप से नए प्रसव केंद्र का फीता काटकर उद्घाटन किया।
जिलाधिकारी ने सबसे पहले धर्मापुर ब्लाक पहुंचे, जहां परिसर में मौजूद राजकीय कृषि बीज भंडार व पीएचसी की जांच की। इस दौरान जर्जर भवनों को जल्द से जल्द गिराने का निर्देश बीडीओ कोशीनाथ सोनकर को दिया। उन्होंने पीएचसी प्रभारी डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव से पूछा कि हर रोज कितने प्रसव होते हैं, जिस पर पीएचसी प्रभारी ने बताया कि रोज लगभग दो से तीन प्रसव होती है। इसके बाद, डीएम कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पहुंचे तो कमरों के भ्रमण के दौरान छतें ़फटी नजर आई। जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए शीघ्र कमरों के छतों को ठीक कराने का निर्देश दिया। इसके बाद, वह बीडीओ से मनरेगा के तहत कराए जा रहे प्रोजेक्टों की जानकारी ली और मनरेगा के तहत हो रहे कार्यों को समय के अंदर पूरा करवाने का निर्देश दिया। ब्लाक प्रमुख विमलेश यादव ने बताया कि धर्मापुर के दर्जनों गांव के लोगों को सीएचसी चोरसंड जाने में 15 से 18 किलोमीटर की दूरी पड़ती है। इस पर डीएम ने स्वास्थ्य विभाग और बीडीओ को नई सीएचसी बनवाने के लिए प्रस्ताव बनाने का निर्देश दिया। मौके पर सीडीओ अनुपम शुक्ल, बीईओ उदय भान कुशवाहा, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।