शारदीय नवरात्र आने में अब महज पांच दिन बचे हैं। जिले में कोलकाता से आए कारीगर कारखानों में माताओं की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। वैसे तो प्रतिमा बनाने का काम मई से ही चल रहा है। शहर में वाजिदपुर सहित पांच स्थानों पर कोलकाता से आए कारीगर दिन-रात काम कर रहे हैं। कारीगरों का कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी से लेकर अन्य सामग्री के दाम 15 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। बावजूद कारीगरों ने प्रतिमाओं की कीमत में बढ़ोतरी नहीं की है। बाजार में इस बार आठ हजार से 20 हजार रुपये तक की छोटी-बड़ी प्रतिमाएं हैं।
तीन पीढ़ियों से बना रहे हैं प्रतिमा
कोलकाता से आए सुमीर पाल मई में जौनपुर आए थे। वाजिदपुर में वह करीब 10 लोगों के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। सुमीर ने बताया कि उनके परिवार की तीन पीढ़ियां प्रतिमा बनाने का काम कर रही है। प्रतिमा तैयार करने में चिकनी और बलुई मिट्टी का इस्तेमाल होता है। मिट्टी अब महंगी हो गई है। इस बार तीन हजार रुपये में एक ट्राली मिट्टी खरीदी गई है। इसके अलावा बांस, पुआल, लकड़ी और अन्य सामान के दाम भी बढ़े हैं। अब तक करीब 70 से ज्यादा प्रतिमाओं के ऑर्डर मिल चुके हैं।
छह कारीगर मिलकर बना रहे 60 प्रतिमाएं
कोलकाता से आए नंदू पाल ने बताया कि छह कारीगर मिलकर मां दुर्गा की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार प्रतिमा बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के दाम करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। सभी प्रतिमाएं लगभग बनाकर तैयार कर ली गई हैं। इनमें अब पेंटिंग और अंतिम सज्जा का काम बाकी है।