प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ 9 हजार 541 आयकरदाता ले रहे थे। इनमें कुछ पीसीएस अधिकारियों भी हैं, जो योजना के तहत अपात्र की श्रेणी में आते हैं। दो दिन पहले लखनऊ में हुई समीक्षा में यह बात सामने आई कि प्रदेश में जौनपुर किश्त वापसी के मामले में 12वें स्थान पर हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 1871 आयकर दाताओं ने 1 करोड़ 54 लाख रुपये वापस किए हैं। वहीं, विभाग का कहना है कि अगर अपात्र घोषित किए गए आयकरदाता धनराशि जमा नहीं करेंगे तो आरसी जारी कर 10 प्रतिशत ब्याज सहित धनराशि की वसूली की जाएगी।
जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ इस समय कुल सात लाख 56 हजार 451 किसान पा रहे हैं। इसमें से 9 हजार 541 किसान ऐसे मिले हैं, जो आयकरदाता हैं। जबकि यह अपात्र की श्रेणी में आते हैं, जिनको भारत सरकार की वेबसाइट ने चिह्नित किया है। इसके अतिरिक्त करीब 6 हजार 500 ऐसे भी अपात्र मिले हैं, भूमिहीन हैं। वह भी योजना के अंतर्गत अपात्र हैं। हालांकि सरकार की सख्ती के बाद एक हजार 871 आयकरदाताओं ने कृषि विभाग द्वारा जारी किए गए बैंक अकाउंट में एक करोड़ 54 लाख 4 हजार रुपये अब तक जमा कर दिया है। वहीं, दो दिन पहले विभाग के प्रदेश स्तर पर हुए समीक्षा में यह बात सामने आई कि जनपद में 22.46 प्रतिशत अपात्रों से वसूल कर लिया है। इस तरह जनपद प्रदेश में 12वें स्थान पर हैं।
जिला अपात्र आयकरदाता वापस करने वाले प्रतिशत
जौनपुर 9532 1871 22.46
प्रयागराज- 5196-1633-33.74
सोनभद्र-1561-480-30.79
चंदौली-2525-560-24.86
भदोही-2521-439-20.40
मऊ-3285-546-18.28
मिर्जापुर-3202-504-17.00
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत जनपद में 9532 ऐसे लोग लाभ ले रहे थे, जो आयकरदाता हैं। इनमें 1871 ने सम्मान निधि का 1 करोड़ 54 लाख 4 हजार रुपये वापस कर दिया है। जनपद ऐसे अपात्रों से दिए गए किश्त को वापस लेने के मामले में प्रदेश में 12वें स्थान पर है। - जय प्रकाश, उप कृषि निदेशक, कृषि